देश की खबरें | निजी क्षेत्र में 75 प्रतिशत आरक्षण के भाजपा-जजपा सरकार के फैसले से सहमत नहीं है आरएसएस

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ निजी क्षेत्र में अधिकतम 50 हजार रुपये मासिक वेतन वाली नौकरियों में स्थानीय लोगों के लिए 75 प्रतिशत आरक्षण संबंधी राज्य की भाजपा-जजपा सरकार के फैसले से सहमत नहीं है क्योंकि यह संघ के ‘‘एक राष्ट्र, एक व्यक्ति’’ के सिद्धांत के विरुद्ध है।

नयी दिल्ली, नौ मार्च राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ निजी क्षेत्र में अधिकतम 50 हजार रुपये मासिक वेतन वाली नौकरियों में स्थानीय लोगों के लिए 75 प्रतिशत आरक्षण संबंधी राज्य की भाजपा-जजपा सरकार के फैसले से सहमत नहीं है क्योंकि यह संघ के ‘‘एक राष्ट्र, एक व्यक्ति’’ के सिद्धांत के विरुद्ध है।

संघ के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने कहा कि भाजपा के सैद्धांतिक गुरु आरएसएस को लगता है कि राज्य सरकार ने केन्द्र के नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसान आंदोलन से बने दबाव को कम करने के लिए यह कानून बनाया है।

राज्य विधानसभा द्वारा पिछले साल पारित हरियाणा राज्य स्थानीय अभ्यर्थी रोजगार विधेयक, 2020, स्थानीय लोगों को निजी क्षेत्र की ऐसी नौकरियों में आरक्षण देगा जिनमें मासिक वेतन 50,000 रुपये से कम हो।

पदाधिकारी ने कहा, ‘‘संघ एक राष्ट्र, एक व्यक्ति के सिद्धांत में विश्वास रखता है और यह कानून मौलिक रूप से उसके विरुद्ध है... और सरकार को देश के भीतर प्रवासी मजदूरों की आवाजाही/कामकाज को नियमित नहीं करना चाहिए क्योंकि हम सभी विविधता में एकता पर विश्वास करते हैं।’’

पदाधिकारी ने संघ के कामकाज के सिलसिले में हरियाणा और देश के उत्तरी भाग में लंबा समय व्यतीत किया है।

संघ के नेता ने कहा कि ऐसा मालूम होता है कि भाजपा भी पूरी तरह से इस कानून के पक्ष में नहीं है लेकिन वह अपने गठबंधन सहयोगी जजपा के साथ हो ली, क्योंकि राज्य सरकार किसान आंदोलन और किसानों के समर्थन में राज्य में हो रही खाप पंचातयों से बन रहे दबाव में आ गई है।

उन्होंने कहा कि आरएसएस को लगता है कि इस कानून से भले ही स्थानीय लोगों को अस्थाई रूप से कुछ लाभ मिले लेकिन दीर्घावधि में यह हरियाणा की अर्थव्यवस्था के हित में नहीं है।

इस विधेयक के कर्णधार जजपा नेता और हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि कानून के लिए नियम बनाने के संबंध में राज्य सरकार उद्योगों और कॉरपोरेट की सलाह सुनने को तैयार है।

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