जरुरी जानकारी | रबड़ क्षेत्र में स्थानीय, प्रवासी मजदूरों का कौशल विकास कर रहा आरएसडीसी
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. रबड़ कौशल विकास परिषद (आरएसडीसी) ने रबड़ संकुलों वाले राज्यों से प्रवासी मजदूरों के पलायन कर जाने के चलते वहां स्थानीय लोगों को रबड़ उद्योग से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में कौशल प्रशिक्षण देना शुरू किया है। वहीं जिन राज्यों में प्रवासी मजदूर लौटे हैं उन्हें भी वहां पर मिल ऑपरेटर, मोल्डिंग ऑपरेटर जैसे कई प्रशिक्षण देने शुरू किए हैं।
नयी दिल्ली, 14 जुलाई रबड़ कौशल विकास परिषद (आरएसडीसी) ने रबड़ संकुलों वाले राज्यों से प्रवासी मजदूरों के पलायन कर जाने के चलते वहां स्थानीय लोगों को रबड़ उद्योग से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में कौशल प्रशिक्षण देना शुरू किया है। वहीं जिन राज्यों में प्रवासी मजदूर लौटे हैं उन्हें भी वहां पर मिल ऑपरेटर, मोल्डिंग ऑपरेटर जैसे कई प्रशिक्षण देने शुरू किए हैं।
आरएसडीसी के चेयरमैन विनोद साइमन ने एक बयान में कहा, ‘‘महाराष्ट्र, गुजरात, पंजाब एवं हरियाणा और केरल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश एवं तेलंगाना जैसे दक्षिणी राज्यों से भी बड़े पैमाने पर मजदूरों का पलायन हुआ है। इन राज्यों में बड़ी संख्या में रबड़ विनिर्माण इकाइयां हैं और मजदूरों के चले जाने से इन्हें कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।’’
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आरएसडीसी ने कहा कि इन इकाइयों में स्थानीय और कुशल मानव संसाधन की मांग बढ़ी है। इसे देखते हुए उसने इन इकाइयों की जरूरत के मुताबिक स्थानीय लोगों के कौशल विकास का लक्ष्य रखा है।
साइमन ने कहा कि इसके अलावा उसने उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड राज्यों से भी हाथ मिलाया है, जहां बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूरों ने घर वापसी की है। इन्हें भी मिल ऑपरेटर, मॉल्डिंग ऑपरेटर, मिक्सिंग ऑपरेटर जैसी विभिन्न भूमिकाओं के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है।
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परिषद ने निकट भविष्य में ऐसे करीब 30,000 प्रवासियों को कौशल प्रशिक्षण देने की योजना बनायी है।
उन्होंने कहा कि मौजूदा महामारी को देखते हुए कौशल प्रशिक्षण का पाठ्यक्रम और तरीका भी बदला गया है। प्रशिक्षण देते समय दो गज की व्यक्तिगत दूरी और साफ-सफाई से जुड़े नए दिशानिर्देशों का पालन किया जाएगा। व्यवस्था की जाएगी कि एक-दूसरे से संपर्क को कम से कम रखा जाए। जहां संभव होगा, वहां कुछ प्रशिक्षण ऑनलाइन माध्यमों से भी दिया जाएगा।
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