एजेंसी न्यूज

UP Assembly Elections 2022: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में 10-12 सीटों पर भाजपा के साथ मिलकर चुनाव लड़ सकती है आरपीआई- रामदास अठावले

रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आरपीआई) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने बुधवार को कहा कि उनकी पार्टी उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव में मुस्लिम, दलित तथा पिछड़े वर्गों के दबदबे वाली 10-12 सीटों पर भाजपा के साथ गठबंधन करके चुनाव लड़ सकती है.

UP Assembly Elections 2022: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में 10-12 सीटों पर भाजपा के साथ मिलकर चुनाव लड़ सकती है आरपीआई- रामदास अठावले
केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले (Photo Credits-ANI Twitter)

गोरखपुर (उत्तर प्रदेश), 15 सितंबर : रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आरपीआई) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले (Ramdas Athawale) ने बुधवार को कहा कि उनकी पार्टी उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव में मुस्लिम, दलित तथा पिछड़े वर्गों के दबदबे वाली 10-12 सीटों पर भाजपा के साथ गठबंधन करके चुनाव लड़ सकती है. उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा कि इस संबंध में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा से बातचीत की जा रही है. आरपीआई केंद्र में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की एक घटक है और अठावले केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री हैं.

अठावले ने बताया कि उनकी पार्टी आगामी 26 सितंबर को सहारनपुर में 'बहुजन कल्याण यात्रा' के जरिए उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में अभी अपने अभियान की शुरुआत करेगी जिसका समापन 18 दिसंबर को लखनऊ के रमाबाई अंबेडकर पार्क में एक विशाल रैली के तौर पर होगा. उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि न तो भाजपा और न ही प्रधानमंत्री मोदी मुस्लिम समुदाय के खिलाफ हैं और वे 'सबका साथ सबका विकास' की भावना पर विश्वास करते हैं. यह भी पढ़ें : Madhya Pradesh: ग्वालियर के 70 वर्षीय विमल चंद्र जैन ने हथौड़े और छेनी से बिजली के बल्बों पर ‘नमोकार मंत्र’ बनाया, देखें तस्वीरें

नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के जारी आंदोलन के बारे में पूछे जाने पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जो लोग प्रदर्शन कर रहे हैं वे किसान समुदाय से नहीं आते हैं तथा सच्चाई यह है कि देश के 80% किसान अब भी मोदी और भाजपा के साथ हैं.

अठावले ने अंतरजातीय विवाह की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि वर्तमान परिदृश्य में सामाजिक समरसता लाने के लिए यह एक प्रभावशाली रास्ता है. उन्होंने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में देश में सवा लाख अंतरजातीय विवाह संपन्न कराए गए हैं.

(The above story first appeared on LatestLY on Sep 16, 2021 12:00 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).