देश की खबरें | रोहिंग्या घुसपैठिये दिल्ली, कश्मीर तक जाने के लिए गलियारे के रूप में कर रहे असम का इस्तेमाल: हिमंत

गुवाहाटी, 28 जुलाई असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने शुक्रवार को कहा कि बांग्लादेश के रोहिंग्या घुसपैठियों द्वारा दिल्ली या कश्मीर जाने के लिए राज्य का इस्तेमाल गलियारे के रूप में किया जा रहा है।

शर्मा ने बोंगाईगांव में पुलिस अधीक्षकों के सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले कई वर्षों के दौरान बांग्लादेश से असम में घुसपैठ लगभग न के बराबर थी, लेकिन करीमगंज जिले में भारत-बांग्लादेश सीमा पर हाल में कुछ गतिविधियां देखी गई हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘अब रोहिंग्याओं द्वारा दिल्ली या कश्मीर जाने के लिए असम को गलियारे के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। हमारी जांच से पता चला है कि त्रिपुरा के कुछ दलाल इस घुसपैठ को बढ़ावा देते हैं।’’

उन्होंने कहा कि पुलिस महानिदेशक ने इसे रोकने के लिए पहले ही कुछ कदम उठाए हैं, जबकि करीमगंज के पुलिस अधीक्षक को घुसपैठ रोकने के लिए निगरानी बढ़ाने को कहा गया है।

शर्मा ने कहा, ‘‘बराक घाटी के तीन जिलों के अधिकारियों को सक्रिय रहना चाहिए और हमें केवल घुसपैठियों को ही निर्वासित नहीं करना चाहिए, बल्कि त्रिपुरा जाना चाहिए, दलालों को गिरफ्तार करना चाहिए और इस गिरोह की रीढ़ तोड़नी चाहिए।’’

बराक घाटी क्षेत्र के तीन जिले कछार, करीमगज और हैलाकांडी हैं।

उन्होंने कहा कि असम के बाहर रोहिंग्या घुसपैठियों, तस्करों और विद्रोहियों को दूसरे राज्यों में जाने के लिए राज्य को गलियारे के रूप में इस्तेमाल करने से रोकने के लिए सक्रिय कदम उठाए जाने चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘बराक घाटी से लेकर असम की पश्चिमी सीमा तक सभी रेलवे स्टेशनों पर सतर्कता बढ़ाई जानी चाहिए ताकि रोहिंग्याओं को रोका जा सके और उनके खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की जा सके।’’

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