देश की खबरें | रालोद ने ‘अग्निपथ’ योजना को वापस लेने की मांग की
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नयी दिल्ली, 18 जून राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) ने शनिवार को मांग की कि केंद्र को ‘अग्निपथ’ योजना को वापस लेना चाहिए और पारंपरिक तरीके से सशस्त्र बलों में भर्ती शुरू करनी चाहिए। उन्होंने युवाओं से प्रदर्शनों के दौरान हिंसा नहीं करने की अपील की।
रालोद अध्यक्ष जयंत चौधरी ने पार्टी विधायकों और पदाधिकारियों के साथ सुबह राष्ट्रीय राजधानी के ‘किसान घाट’ पर ‘‘मौन’’ धारण कर विरोध जताया और उन्होंने नई पहल को वापस लेने के आह्वान का समर्थन किया।
चौधरी ने कहा, ‘‘मैं युवाओं से अपील करना चाहता हूं कि वे हिंसा और आगजनी जैसे कृत्यों से दूर रहें और सत्याग्रह के जरिए सरकार के खिलाफ आवाज उठाएं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम चाहते हैं कि सरकार तत्काल प्रभाव से अग्निपथ योजना को रद्द करे और सामान्य तरीके से सेना की भर्ती शुरू करे। साथ ही, सरकार को सेना में भर्ती के आकांक्षी उन युवाओं को राहत देनी चाहिए जिनकी उम्र कोविड-19 महामारी के दौरान भर्ती के लिए आयु सीमा से अधिक हो गई हैं।’’
चौधरी ने ट्विटर पर कहा, ‘‘किसान घाट पर मौन धारण किया। हमारी प्रार्थना है कि सरकार युवा और जनता की भावनाओं का सम्मान करे, देश में शांति बने, किसान मजदूर परिवारों के सभी सदस्य खुशहाल हों। जय जवान, जय किसान!’’
उन्होंने कहा कि इस पूरी योजना ने सरकार की मंशा को संदेह के घेरे में ला दिया है, जिससे आज पूरा देश गुस्से में है।
गौरतलब है कि सरकार ने मंगलवार को इस योजना का अनावरण करते हुए कहा था कि सेवा में साढ़े सत्रह से 21 वर्ष की आयु के युवाओं को चार साल के कार्यकाल के लिए शामिल किया जाएगा, जबकि 25 प्रतिशत रंगरूटों को नियमित सेवा के लिए बरकरार रखा जाएगा।
हालांकि, बाद में युवाओं के विरोध के मद्देनजर केन्द्र ने 'अग्निपथ योजना' के अंतर्गत शामिल होने वाले युवाओं की आयु सीमा को इस वर्ष के लिए 21 वर्ष से बढ़ाकर 23 वर्ष करने का निर्णय लिया था।
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