देश की खबरें | आरजी कर मामला : बंगाल के मुख्य सचिव और गृह सचिव ने प्रदर्शन स्थल का दौरा किया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव मनोज पंत और गृह सचिव नंदिनी चक्रवर्ती ने शनिवार को प्रदर्शन स्थल का दौरा किया, जहां आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में एक प्रशिक्षु महिला चिकित्सक के कथित दुष्कर्म और हत्या के मामले में पीड़िता को न्याय दिलाने तथा कार्यस्थल पर सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग को लेकर कनिष्ठ चिकित्सक प्रदर्शन कर रहे हैं।

कोलकाता, 19 अक्टूबर पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव मनोज पंत और गृह सचिव नंदिनी चक्रवर्ती ने शनिवार को प्रदर्शन स्थल का दौरा किया, जहां आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में एक प्रशिक्षु महिला चिकित्सक के कथित दुष्कर्म और हत्या के मामले में पीड़िता को न्याय दिलाने तथा कार्यस्थल पर सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग को लेकर कनिष्ठ चिकित्सक प्रदर्शन कर रहे हैं।

अनशन कर रहे छह चिकित्सकों की हालत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फिलहाल आठ चिकित्सक अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं और उन्होंने राज्य सरकार से गतिरोध खत्म करने के लिए 21 अक्टूबर तक कदम उठाने की मांग की है।

एक चिकित्सक ने कहा कि अगर सोमवार तक उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं, तो उन्हें 22 अक्टूबर को पूरे राज्य में मजबूरन हड़ताल करनी पड़ेगी।

एक कनिष्ठ चिकित्सक ने कहा, ‘‘हम चाहते हैं कि मुख्यमंत्री (ममता बनर्जी) चर्चा के लिए बैठें और हमारी सभी मांगें पूरी करें।’’

थिएटर जगत की कई हस्तियों ने भी प्रदर्शनकारी चिकित्सकों के प्रति एकजुटता व्यक्त करने के लिए शनिवार को सांकेतिक भूख हड़ताल की।

प्रदर्शनकारी चिकित्सकों की अपनी मांगों को लेकर रविवार को एक विशाल रैली भी आयोजित करने की योजना है। उनकी मांगों में स्वास्थ्य सचिव एनएस निगम को हटाना भी शामिल है।

चिकित्सकों की अन्य मांगों में राज्य के सभी अस्पतालों एवं चिकित्सा महाविद्यालयों के लिए केंद्रीकृत रेफरल प्रणाली की स्थापना करना, बिस्तर रिक्ति निगरानी प्रणाली का कार्यान्वयन और कार्यस्थलों पर सीसीटीवी कैमरे लगाना, ‘ऑन-कॉल रूम’ तथा शौचालय आदि के लिए आवश्यक प्रावधान सुनिश्चित करने के वास्ते कार्यबल का गठन करना शामिल है।

आरजी कर अस्पताल में नौ अगस्त को महिला चिकित्सक के साथ कथित दुष्कर्म और हत्या की घटना के विरोध में कनिष्ठ चिकित्सकों ने ‘काम बंद’ कर दिया था।

राज्य सरकार द्वारा चिकित्सकों की मांगों पर विचार करने का आश्वासन मिलने पर उन्होंने 42 दिनों के बाद 21 सितंबर को अपना आंदोलन समाप्त कर दिया था।

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