चंडीगढ़, पांच मार्च पंजाब में काम पर नहीं लौटने के कारण 15 तहसीलदारों और नायब-तहसीलदारों को निलंबित किये जाने के एक दिन बाद, प्रदर्शनकारी अधिकारियों ने बुधवार को संपत्ति पंजीकरण कार्य फिर से शुरू कर दिया।
संपत्ति पंजीकरण कार्य फिर से शुरू करने के संबंध में ‘पंजाब रेवेन्यू ऑफिसर एसोसिशन’ द्वारा निर्णय लिये जाने के बाद ये अधिकारी काम पर लौट आए।
एसोसिशन ने भूमि की खरीद फरोख्त में धोखाधड़ी होने के मामले में लुधियाना में कुछ राजस्व अधिकारियों के खिलाफ सतर्कता ब्यूरो की कार्रवाई का विरोध करते हुए सात मार्च तक संपत्ति पंजीकरण कार्य को स्थगित कर दिया था।
राजस्व अधिकारियों ने कुछ राजस्व कार्यालयों में सतर्कता ब्यूरो की कार्रवाई का भी विरोध किया और दावा किया कि ऐसी कार्रवाइयों से ‘भय का माहौल’ बन रहा है।
इससे पहले, बुधवार को पंजाब सरकार ने 230 से अधिक राजस्व अधिकारियों का तबादला कर दिया। एक दिन पहले ही राज्य में संपत्ति पंजीकरण के कार्य पर नहीं लौटने के कारण 15 तहसीलदारों और नायब-तहसीलदारों को निलंबित कर दिया गया था।
अतिरिक्त मुख्य सचिव (राजस्व) द्वारा जारी दो अलग-अलग आदेशों के अनुसार, 58 तहसीलदारों और 177 नायब-तहसीलदारों सहित कुल 235 राजस्व अधिकारियों का प्रशासनिक आधार पर तबादला किया गया है।
आदेशों के अनुसार, प्रशासनिक और जनहित के आधार पर संबंधित अधिकारियों को उपयुक्त जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
आदेश के अनुसार, कई अधिकारियों का उनके मौजूदा तैनाती स्थल से दूरदराज के स्थानों में तबादला कर दिया गया है।
मंगलवार को राज्य सरकार ने 15 राजस्व अधिकारियों को निलंबित कर दिया था। आदेश में कहा गया था कि प्रदर्शनकारी राजस्व अधिकारी अपनी ड्यूटी पर वापस लौटें नहीं तो उनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।
राजस्व अधिकारियों के प्रदर्शन को लेकर मुख्यमंत्री भवगंत मान ने उनकी आलोचना की थी जिसके बाद यह आदेश जारी किया गया था।
सोमवार को राजस्व अधिकारी सामूहिक अवकाश पर चले गए थे, जिससे पंजीकरण कार्य प्रभावित हुआ और लोगों को असुविधा हुई।
प्रदर्शनकारियों ने यह भी घोषणा की थी कि वे सात मार्च तक संपत्ति पंजीकरण कार्य नहीं करेंगे, लेकिन गिरदावरी और दाखिल-खारिज जैसे अन्य कार्य करेंगे।
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