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देश की खबरें | सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी चंडीगढ़ में सड़कों से नियमित रूप से उठाते हैं कचरा

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देश की खबरें | सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी चंडीगढ़ में सड़कों से नियमित रूप से उठाते हैं कचरा

चंडीगढ़, 22 जुलाई पंजाब के 88 वर्षीय एक सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी ने उम्र को चुनौती देते हुए अपने इलाके में सड़क किनारे पड़े कूड़े को उठाकर उसे साफ करने की अनोखी दिनचर्या अपनाई है।

भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के पूर्व अधिकारी इंद्रजीत सिंह सिद्धू 1996 में पंजाब पुलिस से पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। वह 1963 में पंजाब पुलिस में शामिल हुए थे। सेवानिवृत्ति के बाद से वह चंडीगढ़ में रह रहे हैं और वर्तमान में सेक्टर 49 स्थित एक हाउसिंग सोसाइटी में रहते हैं।

हर सुबह लगभग पांच बजे उठकर वह प्रार्थना करते हैं। फिर सुबह अपने ‘मिशन’ पर निकल पड़ते हैं, अपने इलाके में घूमते हुए, सड़क किनारे, कभी-कभी पार्कों में भी, कूड़े के छोटे-छोटे टुकड़े ढूंढ़ते हैं।

सिद्धू इलाके में शाम के समय एक और चक्कर लगाते हैं।

जब सफाई कर्मचारी कचरा फेंकने वाले ठेले का इस्तेमाल नहीं करते, तो वह उनसे एक ठेला उधार ले लेते हैं। वह उसमें सड़क किनारे पड़ा हर तरह का कचरा डाल देते हैं, खाली चिप्स के पैकेट से लेकर प्लास्टिक की बोतलें और गिरे हुए पेड़ों की टहनियां भी। वह इकट्ठा हुए कचरे को निर्धारित जगहों और सड़क किनारे लगे बड़े कूड़ेदानों में फेंक देते हैं।

सिद्धू ने कहा कि वह पिछले कुछ साल से इसी तरह की दिनचर्या अपना रहे हैं। उन्हें याद है कि शुरुआत में जब वह कूड़ा-कचरा बीनते थे, तो कुछ लोग उन्हें पागल समझते थे।

वर्ष 1986 में पंजाब में आतंकवाद के चरम दिनों के दौरान पुलिस अधीक्षक रहे सिद्धू ने कहा, ‘‘मुझे अच्छा लगता है जब आपके आस-पास की चीज़ें साफ़-सुथरी हों। मेरा हमेशा से मानना रहा है कि सफाई की शुरुआत खुद से होनी चाहिए, तभी हर कोई ज़िम्मेदारी से काम करेगा और सड़कों पर कूड़ा नहीं फेंकेगा।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हमें सड़क किनारे कूड़ा नहीं फेंकना चाहिए। जब मैं टहलने जाता था तो सड़कों पर कूड़ा देखता था और मुझे यह देखकर बुरा लगता था।’’

सिद्धू जिस आवासीय सोसाइटी में रहते हैं, उसके करीब स्थित एक आवासीय सोसाइटी के सुरक्षा गार्ड ने कहा, ‘‘हर सुबह हम उन्हें कागज़ के छोटे-छोटे टुकड़े, खाली प्लास्टिक के खाने के पैकेट उठाते हुए देखते हैं... इस उम्र में भी वह जो कर रहे हैं, उसके प्रति इतने जुनूनी हैं और अपने आस-पास के वातावरण को साफ़ रखने के प्रति इतने समर्पित हैं। हमें इससे बहुत प्रेरणा मिलती है।’’

उनके इस कदम की व्यापक प्रशंसा हुई और महिंद्रा समूह के अध्यक्ष आनंद महिंद्रा ने ‘‘सड़कों के खामोश योद्धा’’ को सलाम किया।

महिंद्रा ने मंगलवार को ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में एक छोटी वीडियो क्लिप भी साझा की जिसमें सिद्धू ठेले को धक्का देते हुए दिखाई दे रहे हैं जो कूड़े और गिरे हुए पेड़ों की शाखाओं से भरा हुआ है। वीडियो क्लिप का ज़िक्र करते हुए, महिंद्रा ने पोस्ट किया, ‘‘यह क्लिप, जो मेरे साथ साझा की गई, चंडीगढ़ के इंद्रजीत सिंह सिद्धू के बारे में है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ज़ाहिर है, हर सुबह छह बजे, चंडीगढ़ के सेक्टर 49 की शांत गलियों में, यह 88 वर्षीय सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी अपनी सेवा की शुरुआत करते हैं। एक ठेले और अटूट कर्तव्य-बोध के साथ, वह धीरे-धीरे और उद्देश्यपूर्ण ढंग से सड़क किनारे से कूड़ा उठाते हुए चलते हैं।’’

महिंद्रा ने पोस्ट में लिखा, ‘‘वह कहते हैं कि स्वच्छ सर्वेक्षण में चंडीगढ़ को मिली ‘कम रैंकिंग’ से वह खुश नहीं थे। लेकिन शिकायत करने के बजाय, उन्होंने कदम उठाने का रास्ता चुना।’’

महिंद्रा ने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘एक ऐसी दुनिया में जहां युवाओं और रफ्तार की बात होती है, उनके धीमे लेकिन स्थिर कदम हमें बताते हैं कि उद्देश्य कभी खत्म नहीं होता। सेवा की उम्र नहीं होती। सड़कों के इस शांत योद्धा को सलाम।’’

महिंद्रा कू पोस्ट को भी काफी सराहना मिली और अधिकतर उपयोगकर्ताओं ने सिद्धू की प्रशंसा की।

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(The above story first appeared on LatestLY on Jul 22, 2025 09:40 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).