नयी दिल्ली, 28 अप्रैल कुछ खाद्य उत्पादों की कीमतों में नरमी आने से मार्च में औद्योगिक कामगारों के लिए खुदरा मुद्रास्फीति फरवरी की तुलना में घटकर 5.79 प्रतिशत पर आ गई।
शुक्रवार को जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि फरवरी में औद्योगिक कामगारों के लिए खुदरा मुद्रास्फीति 6.16 प्रतिशत रही थी। वहीं एक साल पहले की समान अवधि में यह आंकड़ा 5.35 प्रतिशत था।
श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के तहत गठित श्रम ब्यूरो ने कहा कि फरवरी में 6.13 प्रतिशत पर रही खाद्य मुद्रास्फीति मार्च में घटकर 5.02 प्रतिशत पर आ गई। मार्च 2022 में खाद्य मुद्रास्फीति 6.27 प्रतिशत रही थी।
मार्च के महीने में औद्योगिक श्रमिकों के लिए अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक 0.6 अंक चढ़कर 133.3 अंक पर पहुंच गया। फरवरी में यह 132.7 अंक था। इस तरह मासिक आधार पर इसमें 0.45 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
सबसे ज्यादा दबाव ईंधन एवं रोशनी समूह से पड़ा और कुल बदलाव में इसकी हिस्सेदारी 0.25 प्रतिशत रही। हालांकि गेहूं का आटा, चावल, आलू, प्याज, भिंडी, टमाटर, अंगूर, सोयाबीन तेल, सूरजमुखी तेल, सरसों तेल, चिकन, अंडा के दाम में नरमी आने से कुछ राहत रही।
प्रेम
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