ईपीएल में एक साल तक जारी रह सकती हैं कोरोना वायरस से जुड़ी पाबंदियां
प्रीमियर लीग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रिचर्ड मास्टर्स ने सोमवार को कहा, ‘‘हमें इसे लेकर लचीला रवैया अपनाना होगा।’’
इंग्लैंड की शीर्ष स्तर की फुटबॉल लीग अध्ययन कर रही है कि कैसे पिछले सप्ताहांत जर्मनी की बुंदेसलीगा अपनी लीग शुरू करने में सफल रही। ईपीएल को हालांकि पता है कि 12 जून को लीग शुरू करने के उसके लक्ष्य को हासिल करना आसान नहीं होगा।
प्रीमियर लीग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रिचर्ड मास्टर्स ने सोमवार को कहा, ‘‘हमें इसे लेकर लचीला रवैया अपनाना होगा।’’
उन्होंने कहा, ‘‘बेशक जर्मनी की लीग हमारे से कुछ कदम आगे है और हम उन्हें देखकर उनसे सीख सकते हैं और उनकी सफलता से आत्मविश्वास ले सकते हैं।’’
टीमों के मुख्य कार्यकारी अगले मंगलवार को बैठक करके खिलाड़ियों को संपर्क में आने वाली ट्रेनिंग की स्वीकृति देने से जुड़े नियमों पर चर्चा करेंगे। लेकिन यह सरकार की स्वीकृति और लॉकडाउन से जुड़ी पाबंदियों में छूट देने पर कोविड-19 मामलों में इजाफा नहीं होने से जुड़ा होगा।
सोमवार को 20 क्लब सामाजिक दूरी के नियमों के साथ छोटे समूह में ट्रेनिंग के नियमों पर राजी हुए थे। इस दौरान सरकारी अधिकारी नियमों के पालन की जांच के लिए ट्रेनिंग सुविधाओं पर आ सकते हैं।
प्रीमियर लीग के मेडिकल सलाहकार मार्क गिलेट ने हालांकि कहा कि इस कोरोना वायरस से जुड़ी सामाजिक स्थिति में जल्द ही बदलाव नहीं आने वाला।
गिलेट ने कहा, ‘‘उन्होंने (सरकारी अधिकारियों ने) स्पष्ट कर दिया है कि सामाजिक स्थिति, जन स्वास्थ्य की स्थिति में अगले छह से 12 महीने में अधिक बदलाव नहीं आने वाला।’’
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(The above story first appeared on LatestLY on May 19, 2020 12:26 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

