लार के इस्तेमाल पर प्रतिबंध से गेंदबाजों के कौशल में सुधार हो सकता है: रूट
भारत के पूर्व दिग्गज स्पिनर अनिल कुंबले की अगुआई वाली अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) की क्रिकेट समिति ने खेल दोबारा शुरू होने पर गेंद को चमकाने के लिए लार के इस्तेमाल को प्रतिबंधित करने का सुझाव दिया है। आईसीसी ने क्रिकेट को दोबारा शुरू करने के लिए अपने दिशानिर्देशों में भी गेंद पर लार के इस्तेमाल को प्रतिबंधित किया है।
लंदन, 24 मई इंग्लैंड के कप्तान जो रूट का मानना है कि कोविड-19 के संक्रमण को रोकने के इरादे से गेंद को चमकाने के लिए लार के इस्तेमाल पर लगी रोक से गेंदबाजों के कौशल में सुधार हो सकता है जिन्हें पिच से मदद हासिल करने के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी।
भारत के पूर्व दिग्गज स्पिनर अनिल कुंबले की अगुआई वाली अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) की क्रिकेट समिति ने खेल दोबारा शुरू होने पर गेंद को चमकाने के लिए लार के इस्तेमाल को प्रतिबंधित करने का सुझाव दिया है। आईसीसी ने क्रिकेट को दोबारा शुरू करने के लिए अपने दिशानिर्देशों में भी गेंद पर लार के इस्तेमाल को प्रतिबंधित किया है।
रूट ने हालांकि कहा कि यह गेंदबाजों के पक्ष में काम कर सकता है और उनके कौशल में इजाफा हो सकता है।
मेट्रो.को.यूके ने रूट के हवाले से कहा, ‘‘आम तौर पर मिलने वाली सहायता मौजूदा नहीं होने का मतलब है कि आपको अपनी सटीकता में सुधार करना होगा।’’
उन्होंने कहा, ‘‘खिलाड़ियों को पिच से मदद हासिल करने का कोई और तरीका ढूंढना होगा। यह अधिक प्रयास करना, क्रीज पर कोण में बदलाव, तिरछी सीम का इस्तेमाल आदि हो सकता है।’’
रूट ने कहा, ‘‘हमारे गेंदबाज चार से पांच हफ्ते के समय में इसे तैयार कर सकते हैं।’’
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