देश की खबरें | गीले कपड़ों से बिजली उत्पादन संबंधी कार्य के लिए अनुसंधानकर्ता सम्मानित
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

कोलकाता, तीन अगस्त आईआईटी-खड़गपुर के अनुसंधानकर्ताओं के एक समूह को धूप में सूखने के लिए डाले गए गीले कपड़ों से बिजली पैदा करने का एक तंत्र विकसित करने के लिए 'गांधीयन यंग टेक्नोलॉजिकल इनोवेशन अवार्ड-2020’ से सम्मानित किया गया है। यह जानकारी सोमवार को संस्थान के एक प्रवक्ता ने दी।

पहनने योग्य और लचीले इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में ऊर्जा संरक्षण और ऊष्मा प्रबंधन की समस्या के समाधान संबंधी कार्य के लिए संस्थान की एक अन्य टीम को अलग से यही पुरस्कार प्रदान किया गया है।

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आईआईटी खड़गपुर के निदेशक प्रोफेसर वीरेंद्र तिवारी ने अनुसंधानकर्ताओं को बधाई देते हुए कहा, ‘‘हमारे पास अभी भी सुदूर क्षेत्र सहित ऐसे इलाके हैं, जिन्हें ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए स्वच्छ ऊर्जा के कुशल प्रबंधन की आवश्यकता है।’’

'गांधीयन यंग टेक्नोलॉजिकल इनोवेशन (जीवाईटीआई) अवार्ड’ की स्थापना एक स्वैच्छिक संगठन ‘सोसाइटी फॉर रिसर्च एंड इनिशिएटिव्ज फॉर सस्टेनेबल टेक्नोलॉजीज़ एंड इंस्टीट्यूशन (एसआरआईएसटीआई) ने की है।।

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एसआरआईएसटीआई ने कहा कि जीवाईटीआई पुरस्कार इंजीनियरिंग, विज्ञान, प्रौद्योगिकी और डिजाइन के सभी क्षेत्रों में बेहद सस्ती / किफायती समाधान या तकनीकी बढ़त का दायरा बढ़ाने वाले छात्र नवाचार को पुरस्कृत करता है।

प्रवक्ता ने कहा कि मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर सुमन चक्रवर्ती, प्रोफेसर पार्थ साहा और डॉ. आदित्य बंदोपाध्याय को "गीले वस्त्र से विद्युत उत्पादन" संबंधी उनके कार्य के लिए सम्मानित किया गया है।

उन्होंने कहा कि केमिकल इंजीनियरिंग विभाग से प्रो. सुनंदो दासगुप्ता और उनकी टीम को ‘‘अगली पीढ़ी के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के लिए स्मार्ट बहु-कार्यात्मक ऊष्मा और ऊर्जा प्रबंधन प्रणाली’’ संबंधी उनके काम के लिए सम्मानित किया गया है।

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