देश की खबरें | टी.पी. चंद्रशेखरन मामले के दोषियों को सजा में छूट देने पर विचार नहीं किया जा रहा: केरल सरकार

तिरुवनंतपुरम, 27 जून केरल सरकार ने चर्चित टी.पी. चंद्रशेखरन हत्याकांड के तीन दोषियों को सजा में छूट देने पर विचार करने के आरोप में तीन जेल अधिकारियों को बृहस्पतिवार को निलंबित कर दिया। इस मामले को लेकर राज्य विधानसभा में विपक्ष ने हंगामा किया और वामपंथी सरकार पर प्रक्रिया में मिलीभगत होने का आरोप लगाया।

विधानसभा में एक बयान में सरकार ने स्पष्ट किया कि 2012 के हत्याकांड के किसी भी दोषी को सजा में छूट देने पर विचार नहीं किया जा रहा।

राज्य के स्थानीय स्वशासन विभाग के मंत्री एम. बी. राजेश ने मुख्यमंत्री पिनराई विजयन की ओर से यह स्पष्टीकरण दिया। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष वी. डी. सतीसन के बयान के बाद सरकार की ओर से यह स्पष्टीकरण आया है।

सतीशन ने सरकार से मांग की थी कि चंद्रशेखरन मामले में दोषियों को किसी भी कारण से, सजा में किसी भी तरह की छूट नहीं दी जानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि सरकार ने विधानसभा को जानकारी दिए बिना दोषियों को सजा में छूट देने का प्रयास किया तथा ऐसा करने पर रोक लगाने वाले एक कानून को दरकिनार कर दिया गया, जो इस सरकार ने ही बनाया था।

राजेश ने सदन में कहा, "स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर सजा में छूट देने संबंधी 2022 के मानदंडों के अनुसार कैदियों की संशोधित सूची सरकार के समक्ष विचार के लिए नहीं आई है। इसलिए, चंद्रशेखरन हत्याकांड के दोषियों की सजा में छूट पर विचार नहीं किया जा रहा है। इस संबंध में आरोप निराधार हैं।"

रिवॉल्यूशनरी मार्कसिस्ट पार्टी के नेता चंद्रशेखरन (52) की 2012 में एक गिरोह ने उस समय हत्या कर दी थी जब वह बाइक से घर लौट रहे थे।

राजेश ने कहा कि गलत सूची तैयार करने और पुलिस रिपोर्ट मांगने के लिए जिम्मेदार संयुक्त अधीक्षक के. एस. श्रीजीत, सहायक अधीक्षक ग्रेड-1 बी. जी. अरुण और सहायक जेल अधिकारी ओ. वी. रघुनाथ को जांच पूरी होने तक सेवा से निलंबित करने का आदेश दिया गया है।

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