देश की खबरें | कर्नाटक के उडुपी में किया गया राम जन्मभूमि आंदोलन के पुरजोर समर्थक स्वामी विश्वेश तीर्थ को याद
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मंगलुरु, पांच अगस्त राम मंदिर के शिलान्यास के दिन बुधवार को कर्नाटक के उडुपी शहर में, राम जन्मभूमि आंदोलन के पुरजोर समर्थक रहे पेजावर मठ के संत स्वामी विश्वेश तीर्थ को याद किया गया।
स्वामी विश्वेश तीर्थ का पिछले साल 29 दिसंबर को निधन हो गया था।
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उडुपी श्रीकृष्ण मंदिर की पांच 'पर्याय' अवधियों (मंदिर में एक साल छोड़कर अगले साल होने वाला धार्मिक अनुष्ठान) की अध्यक्षता करने वाले विश्वेश तीर्थ राम जन्मभूमि आंदोलन का पुरजोर समर्थन करते थे। उन्हें उडुपी के अष्ठ मठों के उदार संतों में शुमार किया जाता था। उन्होंने छूआछूत का विरोध करते हुए सामाजिक सुधारों के लिये भी काम किया।
अपनी रथयात्रा के जरिये अयोध्या आंदोलन को मजबूती देने वाले भाजपा के वरिष्ठ नेता तथा पूर्व उप प्रधानमंत्री लाल कृष्ण आडवाणी स्वामी विश्वेश तीर्थ के शिष्य हैं और उन्होंने अपनी यात्रा शुरू करने से पहले उनका आशीर्वाद भी लिया था।
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स्वामी, राम जन्मभूमि आंदोलन के लिए बनी विश्व हिंदू परिषद की समिति के एक सक्रिय सदस्य थे।
उन्होंने आंदोलन के नेताओं से अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए मुस्लिम समुदाय को विश्वास में लेने का आग्रह करने में भी सक्रिय भूमिका निभाई।
पेजावर मठ के वर्तमान प्रमुख तथा श्री राम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य स्वामी विश्वप्रसन्ना तीर्थ ने दिवंगत संत की याद में प्रत्येक व्यक्ति से राम मंदिर के स्थापना दिवस को एक पर्व के रूप में मनाने का आह्वान किया।
उन्होंने अपने संदेश में कहा कि यह समस्त हिंदू समाज का सपना पूरा होने जैसा है।
स्वामी ने कहा कि कर्नाटक के उडुपी और अयोध्या के बीच गहरा संबंध है।
अयोध्या में भूमि पूजन के मौके पर उडुपी के पेजावर मठ में विशेष पूजा आयोजित की जा रही हैं।
मठ के सूत्रों ने बताया कि 'चतुर्मास व्रत' के चलते स्वामी विश्वप्रसन्ना तीर्थ अयोध्या में हुए कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाए।
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