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रिलायंस ने जामनगर सेज रिफाइनरी में कच्चे तेल का प्रसंस्करण करीब 24 प्रतिशत कम किया

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के बृहस्पतिवार को जारी आंकड़े के अनुसार आरआईएल का 3.52 करोड़ टन सालाना क्षमता वाली सेज रिफाइनरी में मार्च में 25.1 लाख टन कच्चे तेल को ईंधन में बदला गया। यह सालाना आधार पर 24 प्रतिशत कम है।

रिलायंस ने जामनगर सेज रिफाइनरी में कच्चे तेल का प्रसंस्करण करीब 24 प्रतिशत कम किया
जमात

नयी दिल्ली, 23 अप्रैल रिलायंस इंडस्ट्रीज लि. ने गुजरात के जामनगर में अपनी निर्यात रिफाइनरी में कच्चे तेल के प्रसंस्करण में करीब एक चौथाई की कटौती की है। सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों की तरह रिलायंस ने भी रिफाइनरी के तेल प्रसंस्करण की रफ्तार कम कर दी है ताकि कोरोना वायरस महामारी और ‘लॉकडाउन’ (बंद) के कारण ईंधन मांग में कमी के अनुरूप उत्पादन किया जा सके।

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के बृहस्पतिवार को जारी आंकड़े के अनुसार आरआईएल का 3.52 करोड़ टन सालाना क्षमता वाली सेज रिफाइनरी में मार्च में 25.1 लाख टन कच्चे तेल को ईंधन में बदला गया। यह सालाना आधार पर 24 प्रतिशत कम है।

हालांकि कंपनी की उसी जगह पुरानी रिफाइनरी में इस साल मार्च में 30.1 लख टन कच्चे तेल का प्रसंस्करण किया गया जो पिछले वर्ष के इसी माह के मुकाबले 5.7 प्रतिशत अधिक है।

रिफाइनरी कंपनियों ने मार्च के दूसरे पखवाड़े से कच्चे तेल का प्रसंस्करण कम करना शुरू कर दिया। पहले राज्य सरकारों द्वारा और उसके बाद 25 मार्च से पूरे देश में बंद के कारण यात्रा प्रतिबंधों की वजह से ईंधन मांग कम होने को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। मार्च में ईंधन मांग में 25 प्रतिशत की कमी आयी।

जिन देशों को भारतीय रिफाइनरी कंपनियां डीजल और पेट्रोल निर्यात करती हैं, वहां भी कोरोना वायरस महामारी के कारण ईंधन मांग घट गयी है।

सार्वजनिक क्षेत्र की रिफाइनरियों ने मार्च में लगभग 4 प्रतिशत ईंधन कम प्रसंस्कृत किया। निजी क्षेत्र की न्यारा एनर्जी की वडीनार रिफाइनरी ने भी 4 प्रतिशत कच्चे तेल का प्रसंस्करण कम किया है।

आंकड़ों के अनुसार आरआईएल की सेज रिफाइनरी ने मार्च में 83.98 प्रतिशत क्षमता पर काम किया जबकि एक साल पहले इसी महीने में इसने 110.51 प्रतिशत क्षमता पर काम किया था।

वहीं घरेलू जरूरतों को पूरा करने वाली कंपनी की पुरानी रिफाइनरी 101.67 प्रतिशत क्षमता पर काम की। इसकी कुल क्षमता 3.3 करोड़ टन सालाना है।

आरआईएल की दोनों रिफाइनरियों ने मार्च में 4.16 प्रतिशत अधिक पेट्रोलियम उत्पादों का उत्पादन किया और यह 73 लाख टन रहा।

आंकड़ों के अनुसार न्यायरा एनर्जी ने 3.33 प्रतिशत कम पेट्रोलियम उत्पादों का उत्पादन किया और यह 16.4 लाख टन रहा जबकि सार्वजनिक क्षेत्र की रिफाइनियों ने 1.195 करोड़ टन का उत्पादन किया जो करीब 2 प्रतिशत कम है।

कुल मिलाकर भारतीय रिफाइनरियों ने मार्च में 2.12 करोड़ टन कच्चे का प्रसंस्करण किया जो 5.7 प्रतिशत कम है। उनका पेट्रोलियम उत्पादों का उत्पादन 2.29 करोड़ टन रहा।

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(The above story first appeared on LatestLY on Apr 23, 2020 08:11 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).