देश की खबरें | दिल्ली में प्रदूषण और संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच आईसीयू बिस्तरों की संख्या में कमी

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. वायु प्रदूषण और कोविड-19 के मामलों में वृद्धि की दोहरी चुनौती से जूझते हुए दिल्ली के अस्पतालों में खाली बिस्तर तेजी से भरते जा रहे हैं और ओपीडी में मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, सात नवंबर वायु प्रदूषण और कोविड-19 के मामलों में वृद्धि की दोहरी चुनौती से जूझते हुए दिल्ली के अस्पतालों में खाली बिस्तर तेजी से भरते जा रहे हैं और ओपीडी में मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है।

डॉक्टरों ने शनिवार को यह जानकारी दी।

यह भी पढ़े | दिल्ली में इस साल डेंगू से एक भी व्यक्ति की नहीं गई जान, CM केजरीवाल ने दिल्लीवासियों को सक्रिय भागीदारी के लिए बधाई दी.

इसके अलावा, ज्यादातर बड़े निजी अस्पतालों और केंद्र द्वारा चलाए जा रहे स्वास्थ्य केंद्रों में वेंटिलेटर की सुविधा वाले आईसीयू बिस्तर भी पिछले कुछ दिनों में संक्रमण के मामलों में वृद्धि के चलते भरते जा रहे हैं।

अधिकारियों ने कहा कि शुक्रवार को दिल्ली में पहली बार संक्रमण के सात हजार से अधिक मामले सामने आए जिसके बाद कुल मामले 4.23 लाख से ज्यादा हो गए।

यह भी पढ़े | MP By-Election Exit Poll 2020: India Today-Axis My India के एग्जिट पोल में बीजेपी को 16-18, कांग्रेस को 10-12 सीटें मिलने के अनुमान.

इसके साथ ही कोविड-19 के 64 और मरीजों की मौत हो गई जिससे मृतकों की संख्या 6,833 पर पहुंच गई।

विशेषज्ञों के अनुसार राष्ट्रीय राजधानी में वायु गुणवत्ता भी खराब हुई है और लोगों द्वारा सुरक्षा नियमों को ताक पर रखकर भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में बड़ी संख्या में पहुंचने से महामारी के प्रसार का खतरा बढ़ गया है।

आरएमएल अस्पताल में चिकित्सा अधीक्षक राणा ए के सिंह ने कहा कि अस्पताल में सांस लेने में शिकायत वाले मरीजों की संख्या बढ़ गई है।

उन्होंने कहा, “इसके अलावा अस्पताल में कोविड-19 के मरीजों की संख्या भी बढ़ गई है।”

सिंह ने कहा, “हमारे कोविड और गैर कोविड वार्ड पूरी तरह से भर गए हैं और तत्काल आईसीयू बिस्तरों की व्यवस्था करना संभव नहीं है क्योंकि इसके लिए उपकरण और लोग चाहिए होते हैं।”

दिल्ली सरकार की वेबसाइट के अनुसार शाम साढ़े छह बजे तक वेंटिलेटर सुविधा वाले 1,253 आईसीयू बिस्तरों में से केवल 250 ही खाली थे।

साकेत के मैक्स अस्पताल में 51 में से चार बिस्तर खाली थे जबकि सर गंगा राम अस्पताल में 45 में से 16 बिस्तर खाली थे।

सेंट स्टीफेन अस्पताल में एक भी बिस्तर खाली नहीं था और आरएमएल अस्पताल में 28 में से छह बिस्तर खाली थे।

लेडी हार्डिंग मेडिकल कालेज और अस्पताल में 17 में से 7 बिस्तर खाली थे।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\