जरुरी जानकारी | कोरोना संकट के बीच राजस्थान में गेहूं की रिकार्ड खरीद
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जयपुर, 29 जून कोरोना वायरस संक्रमण महामारी से उपजे संकट के बीच राजस्थान में इस बार न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं की रिकार्ड खरीद हुई है। खरीद के पहले लगभग ढाई महीने में 21.61 लाख टन गेहूं खरीदा जा चुका है जो कि रिकार्ड है।
खाद्य व नागरिक आपूर्ति मंत्री रमेश चन्द मीना ने बताया कि लॉकडाउन अवधि के बावजूद विभाग ने इस बार केवल 73 दिनों में अब तक 21 लाख 61 हजार टन गेहूं की खरीद कर पिछले वर्षों के रिकार्ड तोड़ दिए हैं। यह सर्वाधिक खरीद का नया है।
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इससे पहले राज्य में रबी विपणन वर्ष 2014-2015 में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कुल 21.55 लाख टन गेहूं की खरीद की गई थी। जबकि इस बार न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीद में गत वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष कम समय मिला है। राज्य में लगभग 2.12 लाख किसानों को लाभान्वित कर अब तक 4160 करोड़ रूपये के गेहूं की खरीद की जा चुकी है।
उन्होंने बताया कि गत वर्ष रोजाना गेहूं की औसत खरीद 13187 टन थी जबकि इस वर्ष 29605 टन गेहूं प्रतिदिन खरीदा गया जो कि पिछले साल से ढाई गुना अधिक है। उन्होंने बताया कि रबी विपणन वर्ष 2015-2016 में 13, 2016-2017 में 7.61, 2017-18 में 12.45, 2018-19 15.32 एवं 2019-20 में 14.11 लाख टन गेहूं की खरीद की गई। उन्होंने बताया कि कोविड-19 महामारी से बचाव के लिए सामाजिक एवं मानव सम्पर्क रहित स्थिति बनाते हुए 456 क्रय केन्द्र स्थापित किए गए। उन्होंने बताया कि क्रय केन्द्रों पर गत 16 अप्रैल से गेहूं की खरीद की जा रही है।
खाद्य मंत्री ने बताया कि हनुमानगढ, श्री गंगानगर, कोटा, बून्दी, बारां, झालावाड, चित्तौड़गढ, भरतपुर, बांसवाडा एवं सवाईमाधोपुर जिलों में विभाग द्वारा ज्यादा गेहूं खरीद कर किसानों को राहत पहुंचाई है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में हुई बेमौसम वर्षा के कारण भारत सरकार द्वारा निर्धारित गेहूं की गुणवत्ता (गेहूॅं की चमक) के मापदण्डों में छूट प्रदान की गई जिसके कारण कोटा, बूंदी, बारां,झालावाड़, सवाई माधोपुर, राजसमंद, चित्तौड़गढ, उदयपुर, भीलवाड़ा एवं प्रतापगढ़ जिलों के किसानों को प्रत्यक्ष रूप से फायदा मिला।
शासन सचिव सिद्वार्थ महाजन ने बताया कि न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीद गत वर्ष(2019-20) में 14.11 लाख टन की गई लेकिन इस वर्ष (2020-21) में केवल 73 दिनों में ही 21.61 लाख टन गेहूं की खरीद की गई है।
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