नयी दिल्ली, 28 जुलाई दिल्ली उच्च न्यायालय ने एम्स भोपाल के निर्माण से जुड़ी एक रियलिटी फर्म की याचिका पर केंद्र से जवाब मांगा है। याचिका में आत्म निर्भर भारत अभियान के तहत 30 करोड़ रुपये से ज्यादा की बैंक गारंटी जारी करने की मांग की गई है।
न्यायमूर्ति वी कामेश्वर राव ने जेएमसी प्रोजेक्ट्स (इंडिया) लिमिटेड की याचिका पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय को नोटिस जारी कर चार हफ्तों में जवाब मांगा है।
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वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने मामले में सुनवाई की अगली तारीख 16 सितंबर तय की।
अतिरिक्त सॉलिसीटर जनरल चेतन शर्मा और केंद्र सरकार के स्थायी वकील रिपु दमन भारद्वाज ने इस मामले में केंद्र का पक्ष रखा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 12 मई को आत्म निर्भर अभियान की घोषणा की थी। इसके तहत वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में कड़ी प्रतिस्पर्धा को देखते हुए देश को आत्म-निर्भर बनाने तथा कोविड-19 महामारी से प्रभावित गरीबों, मजदूरों और प्रवासी कामगारों की मदद के लिये 20 लाख करोड़ रुपये के विशेष आर्थिक पैकेज की घोषणा की गई थी।
रियल एस्टेट क्षेत्र की मदद के लिये यह कहा गया था कि सभी पंजीकृत परियोजनाएं जो 25 मार्च 2020 या उसके बाद खत्म हो रही थीं उन्हें पंजीकरण और पूरा करने की तारीख पर बिना किसी व्यक्तिगत आवेदन के छह महीने का विस्तार दिया जाएगा, जिसे नियामक प्राधिकारी के विवेक पर तीन और महीने के लिये बढ़ाया भी जा सकता है।
घोषणा की गई थी कि नकदी प्रवाह को सुगम बनाने के लिये सरकारी एजेंसियों द्वारा आंशिक बैंक गारंटी भी जारी की जाएगी।
अदालत ने 23 जुलाई के अपने आदेश में याचिकाकर्ता कंपनी की तरफ से पेश हुए अधिवक्ता मनोज कुमार सिंह की दलीलों को दर्ज किया कि 31 जुलाई को खत्म हो रही 7.36 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी को 30 सितंबर 2020 तक बढ़ाया जाना चाहिये।
कंपनी ने प्राधिकारियों को 12.71 करोड़ रुपये, 12.71 करोड़ रुपये और 7.63 करोड़ रुपये की तीन बैंक गारंटी दी है।
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