जरुरी जानकारी | आरबीआई वित्तीय क्षेत्र में एआई को अपनाने के लिए तैयार करेगा रूपरेखा

मुंबई, 30 मई भारतीय रिजर्व बैंक चालू वित्त वर्ष में वित्तीय क्षेत्र में कृत्रिम मेधा (एआई) को जिम्मेदारीपूर्वक और नैतिक रूप से अपनाने के लिए एक रूपरेखा तैयार करेगा। केंद्रीय बैंक की वार्षिक रिपोर्ट में यह बात कही गई है।

कंप्यूटिंग क्षमता में तेजी से हो रही प्रगति एवं डिजिटल डेटा की व्यापक उपलब्धता से हाल के वर्षों में एआई और मशीन लर्निंग (एमएल) प्रौद्योगिकियों में रुचि बढ़ी है और महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। वैश्विक और घरेलू स्तर पर वित्तीय संस्थान तेजी से इन प्रौद्योगिकियों को अपना रहे हैं।

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की 2024-25 की वार्षिक रिपोर्ट में उल्लिखित 2025-26 के एजेंडे के अनुसार, वह वित्तीय क्षेत्र में एआई को जिम्मेदारीपूर्वक और नैतिक रूप से अपनाने के लिए एक रूपरेखा तैयार करेगा।

केंद्रीय बैंक ने दिसंबर 2024 में एक बाह्य समिति का गठन किया था। इसमें वित्तीय क्षेत्र में एआई के जिम्मेदार एवं नैतिक इस्तेमाल के वास्ते रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए विशेषज्ञों को शामिल किया गया है।

भारतीय रिजर्व बैंक ने कहा कि उसने वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं के अनुरूप बैंकिंग एवं गैर-बैंकिंग क्षेत्रों के नियामक तथा निगरानी ढांचे को और मजबूत कर वित्तीय प्रणाली की सुरक्षा के लिए कई उपाय किए हैं।

आरबीआई ने कहा कि अन्य बातों के साथ-साथ बैंक, एनबीएफसी समेत उसके दायरे में आने वाली अन्य इकाइयों में विनियमनों को युक्तिसंगत एवं सुसंगत बनाने, वित्तीय क्षेत्र में एआई को जिम्मेदारीपूर्वक और नैतिक रूप से अपनाने के लिए एक रूपरेखा तैयार करने एवं वाणिज्यिक बैंकों में नगदी दबाव परीक्षणों को मजबूत करने की दिशा में ठोस प्रयास किए जाएंगे।

रिपोर्ट में कहा गया कि इसके अलावा, एआई के उपयोग की संभावना तलाशने सहित मौजूदा शिकायत प्रबंधन एवं शिकायत निवारण तंत्र को दुरुस्त करने पर भी ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

एआई प्रबंधन नीति पर रिपोर्ट में कहा गया कि कर्मचारियों, विक्रेताओं तथा तीसरे पक्ष के भागीदारों द्वारा एआई/मशीन लर्निंग (एमएल) प्रौद्योगिकियों के जिम्मेदार और नैतिक उपयोग के लिए रिजर्व बैंक के लिए एआई नीति की रूपरेखा भी शुरू की जाएगी।

इसमें कहा गया कि डेटा प्रबंधन, सहमति एवं सुरक्षा पर स्पष्ट दिशानिर्देश प्रदान कर नीति का उद्देश्य एआई द्वारा प्रस्तुत अवसरों का उपयोग करते हुए केंद्रीय बैंक के संचालन की अखंडता को बनाए रखना है।

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