जरुरी जानकारी | आरबीआई ने बैंकों, एनबीएफसी से डिजिटल ऋण से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक करने को कहा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. डिजिटल ऋण को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बुधवार को बैंकों, एनबीएफसी और डिजिटल ऋण मंचों से कहा कि वे अपनी वेबसाइटों पर इस बारे में ग्राहकों को पूरी जानकारी दें।
मुंबई, 24 जून डिजिटल ऋण को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बुधवार को बैंकों, एनबीएफसी और डिजिटल ऋण मंचों से कहा कि वे अपनी वेबसाइटों पर इस बारे में ग्राहकों को पूरी जानकारी दें।
यह निर्देश कई शिकायतों को संज्ञान में लेते हुए जारी किया गया है। इन शिकायतों में कहा गया था कि ऋण मंचों द्वारा अत्यधिक ब्याज लेने और वसूली के कठोर तरीकों को अपनाने और अन्य उत्पीड़न की बात कही गई थी।
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बैंकों और गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) से कहा गया है कि वे अपनी वेबसाइटों अपने एजेंटों के नाम का खुलासा करें। इसके अलावा डिजिटल ऋण मंचों से कहा गया है कि वे अपनी वेबसाइट पर बताएं कि वे किसी बैंक या एनबीएफसी की तरफ से कर्ज दे रहे हैं।
आरबीआई ने अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों और एनबीएफसी से कहा, ‘‘बैंकों/ एनबीएफसी द्वारा किसी भी गतिविधि की आउटसोर्सिंग उनके दायित्वों को कम नहीं करती है, क्योंकि नियामक निर्देशों के पालन की जिम्मेदारी पूरी तरह उनकी होती है।’’
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आरबीआई ने आगे कहा कि कर्ज की मंजूरी मिलने के तुरंत बाद कर्ज लेने वाले को बैंक या एनबीएफसी के लेटरहेड पर एक पत्र जारी करना चाहिए।
इन दिशानिर्देशों को जारी करते हुए आरबीआई ने कहा कि अक्सर डिजिटल ऋण मंच अपने बैंक/ एनबीएफसी के नाम का खुलासा किए बिना खुद को उधार देने वाला बताते हैं, जिसके चलते ग्राहक नियामक के तहत उपलब्ध मंचों का इस्तेमाल कर अपनी शिकायत दर्ज नहीं करा पाता है
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