देश की खबरें | बलात्कार का मामला : लड़की ने कुछ और लोगों पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया, नया मामला दर्ज
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली सरकार के निलंबित अधिकारी प्रेमोदय खाखा द्वारा कथित तौर पर बलात्कार की शिकार नाबालिग लड़की के आरोप के बाद दिल्ली पुलिस ने एक नया मामला दर्ज किया है कि उसके साथ कुछ अन्य व्यक्तियों ने भी यौन उत्पीड़न किया था। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
नयी दिल्ली, 15 सितंबर दिल्ली सरकार के निलंबित अधिकारी प्रेमोदय खाखा द्वारा कथित तौर पर बलात्कार की शिकार नाबालिग लड़की के आरोप के बाद दिल्ली पुलिस ने एक नया मामला दर्ज किया है कि उसके साथ कुछ अन्य व्यक्तियों ने भी यौन उत्पीड़न किया था। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
पुलिस उपायुक्त (पूर्वोत्तर) जॉय तिर्की ने कहा, ‘‘शिकायतकर्ता का एक नया बयान मिला है तथा भारतीय दंड संहिता की धारा 376 (बलात्कार) और यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के तहत न्यू उस्मानपुर थाने में मामला दर्ज किया गया है। मामले में आगे जांच की जा रही है।’’
तिर्की ने कहा, ‘‘जांच के दौरान शिकायतकर्ता ने खुलासा किया कि जब वह अपने परिवार के साथ न्यू उस्मानपुर इलाके में रह रही थी, तो 2018 और 2020 के बीच कुछ लोगों ने उसका यौन उत्पीड़न किया था। बुराड़ी थाने के जांच अधिकारी ने इस तथ्य को न्यू उस्मानपुर थाने के संज्ञान में लाया है।’’
खाखा ने कथित तौर पर नवंबर 2020 और जनवरी 2021 के बीच नाबालिग से कई बार बलात्कार किया जिससे लड़की गर्भवती हो गई। खाखा की पत्नी सीमा रानी ने लड़की को गर्भ गिराने के लिए कथित तौर पर दवा दी थी। दंपति को गिरफ्तार कर लिया गया था। मामला सामने आने के बाद दिल्ली सरकार ने खाखा को निलंबित कर दिया।
अक्टूबर 2020 में अपने पिता के निधन के बाद लड़की परिवार के मित्र खाखा के आवास पर रह रही थी। आरोपी के वकील ने दावा किया कि खाखा ने नवंबर 2005 में नसबंदी कराई थी, इसलिए वह लड़की को गर्भवती नहीं कर सकता था।
गिरफ्तारी के बाद अदालत ले जाने से पहले खाखा का ‘पोटेंसी टेस्ट’ कराया गया था। ‘पोटेंसी टेस्ट’ का इस्तेमाल यह साबित करने के लिए किया जाता है कि कोई व्यक्ति यौन उत्पीड़न करने में शारीरिक रूप से सक्षम है या नहीं।
पॉक्सो अधिनियम के प्रावधानों और भारतीय दंड संहिता की धारा 376 (2) (एफ) (रिश्तेदार, अभिभावक या शिक्षक या विश्वास पात्र द्वारा बलात्कार) और 509 (शब्द, हावभाव या ऐसा कृत्य जिसका उद्देश्य किसी महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाना है) के तहत एक मामला दर्ज किया गया था।
मामले में आईपीसी की धारा 506 (आपराधिक धमकी), 323 (जानबूझकर चोट पहुंचाना), 313 (महिला की सहमति के बिना गर्भपात कराना) और 120बी (आपराधिक साजिश) भी लगाई गई है।
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(The above story first appeared on LatestLY on Sep 15, 2023 08:30 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

