देश की खबरें | राणा प्रत्यर्पण: सिब्बल ने संप्रग और मौजूदा राजग सरकार की सराहना की

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नयी दिल्ली, 11 अप्रैल राज्यसभा सदस्य कपिल सिब्बल ने मुंबई आतंकी हमलों के मुख्य आरोपी तहव्वुर हुसैन राणा के प्रत्यर्पण पर शुक्रवार को पूर्ववर्ती संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार और वर्तमान राजग सरकार को बधाई दी तथा विश्वास जताया कि अब यह स्पष्ट हो जाएगा कि पाकिस्तान से कौन-कौन लोग इसमें शामिल थे।

राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने 2008 के भीषण आतंकवादी हमलों के पीछे की बड़ी साजिश का पता लगाने के लिए शुक्रवार को तहव्वुर हुसैन राणा से पूछताछ शुरू कर दी।

सिब्बल ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘मुझे याद है कि एनआईए की स्थापना संप्रग के दौरान हुई थी। एक नए कानून की जरूरत थी और एनआईए का गठन तब हुआ जब पी. चिदंबरम मंत्री थे।’’

संप्रग की सरकारों में मंत्री रहे सिब्बल ने कहा कि इस मामले में आरोपी डेविड हेडली, राणा और कुछ ऐसे भी लोग शामिल थे जिनके नाम ज्ञात नहीं हैं।

उन्होंने बताया कि राणा को शिकागो में गिरफ्तार किया गया था और कुछ आरोप साबित नहीं होने के कारण उसे बरी कर दिया गया था।

सिब्बल ने कहा कि एनआईए ने उस समय असंतोष व्यक्त किया था जब अमेरिकी अधिकारी राणा के खिलाफ कोई आरोप लगाने में विफल रहे थे।

उन्होंने कहा, ‘‘वह (राणा) पाकिस्तानी सेना में था और फिर कनाडा का नागरिक बन गया। हमने अपनी नाराजगी जाहिर की और उसे अपनी हिरासत में लेने की कोशिश की। कई प्रतिनिधिमंडल गए और उसे प्रत्यर्पित करने का प्रयास किया। राणा और हेडली के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया गया।’’

राज्यसभा सदस्य ने कहा कि अब यह स्पष्ट हो जाएगा कि पाकिस्तानी प्रतिष्ठान में कौन-कौन लोग हमलों में शामिल थे।

सिब्बल ने कहा, ‘‘मैं तत्कालीन संप्रग सरकार को कूटनीतिक प्रयास करने, एनआईए टीम (अमेरिका) भेजने, गिरफ्तारी वारंट जारी करने और आरोपपत्र दाखिल करके मामले को आगे बढ़ाने के लिए बधाई देना चाहता हूं। मैं मौजूदा सरकार को भी बधाई देना चाहता हूं क्योंकि उसके प्रयास सफल रहे और तहव्वुर राणा को प्रत्यर्पित किया गया।’’

उन्होंने कहा, ‘‘आतंकवाद एक हथियार बन गया है और पूरे अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इसके खिलाफ आवाज उठानी चाहिए। हालांकि, कुछ सरकारें इस मुद्दे पर चुनिंदा तरीके से काम कर रही हैं।’’

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