देश की खबरें | राकेश अस्थाना की नियुक्ति असंवैधानिक और उच्चतम न्यायालय के दिशा-निर्देशों के खिलाफ : आप
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली की सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप) सरकार ने भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के वरिष्ठ अधिकारी राकेश अस्थाना को दिल्ली पुलिस का आयुक्त नियुक्त करने पर केन्द्र सरकार की आलोचना करते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि यह कदम उसके नेताओं को ‘प्रताड़ित’ करने के लिए उठाया गया है।
नयी दिल्ली, 29 जुलाई दिल्ली की सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप) सरकार ने भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के वरिष्ठ अधिकारी राकेश अस्थाना को दिल्ली पुलिस का आयुक्त नियुक्त करने पर केन्द्र सरकार की आलोचना करते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि यह कदम उसके नेताओं को ‘प्रताड़ित’ करने के लिए उठाया गया है।
दिल्ली विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन आप विधायक संजीव झा ने इस मुद्दे को उठाते हुए इस संबंध में एक प्रस्ताव पेश किया। आप विधायक ने कहा कि राकेश अस्थाना की दिल्ली पुलिस के आयुक्त के रूप में नियुक्ति असंवैधानिक और उच्चतम न्यायालय के दिशा-निर्देशों के खिलाफ है।
आप नेता ने प्रस्ताव में कहा कि गुजरात कैडर के आईपीएस अधिकारी को पुलिस आयुक्त बनाकर दिल्ली पर थोपा जा रहा है, जिसे वह अस्वीकार करते हैं।
केन्द्र सरकार ने मंगलवार को अस्थाना को दिल्ली पुलिस का आयुक्त नियुक्त किया था। केन्द्र ने अस्थाना को सेवानिवृत्त होने से कुछ दिन पहले ही एक वर्ष का सेवा विस्तार देते हुए उन्हें पुलिस आयुक्त के पद पर नियुक्त किया है।
आप विधायक ने दिल्ली के बारे में अस्थाना की जानकारी पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि गुजरात कैडर का कोई अधिकारी राजधानी में पुलिस व्यवस्था के बारे में क्या जानता होगा।
अस्थाना 1984 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और इससे पहले वह सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के महानिदेशक के पद पर तैनात थे। अस्थाना 31 जुलाई को सेवानिवृत्त हो रहे थे
विधानसभा में इस मुद्दे पर बहस में भाग लेते हुए आप विधायक गुलाब सिंह, अखिलेश पति त्रिपाठी, सोमनाथ भारती और बी एस जून ने संजीव झा के प्रस्ताव का समर्थन करते हुए कहा कि अस्थाना को आम आदमी पार्टी (आप) और उसके नेताओं को परेशान करने के लिए दिल्ली लाया गया है।
इस बीच, दिल्ली विधानसभा में विपक्ष के नेता रामवीर सिंह बिधूड़ी ने अस्थाना को एक ईमानदार और प्रतिष्ठित आईपीएस अधिकारी बताते हुए कहा कि अस्थाना को उनके शानदार काम के लिए राष्ट्रपति के पुलिस पदक से भी नवाजा जा चुका है।
संजीव झा द्वारा लाये गये प्रस्ताव को ध्वनिमत से सदन में पारित कर दिया गया ।
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