ताजा खबरें | राज्यसभा ने प्रणब मुखर्जी, जसराज व अपने तीन सदस्यों को श्रद्धांजलि दी
Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. संसद के मानसून सत्र के पहले दिन सोमवार को राज्यसभा ने पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, प्रख्यात शास्त्रीय गायक पंडित जसराज, अपने तीन वर्तमान सदस्यों और 14 पूर्व सदस्यों को श्रद्धांजलि दी और उनके सम्मान में कुछ क्षणों का मौन रखा।
नयी दिल्ली, 14 सितंबर संसद के मानसून सत्र के पहले दिन सोमवार को राज्यसभा ने पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, प्रख्यात शास्त्रीय गायक पंडित जसराज, अपने तीन वर्तमान सदस्यों और 14 पूर्व सदस्यों को श्रद्धांजलि दी और उनके सम्मान में कुछ क्षणों का मौन रखा।
पूर्व राष्ट्रपति मुखर्जी और हाल में दिवंगत तीन सदस्यों के सम्मान में उच्च सदन की बैठक एक घंटे के लिए स्थगित की गयी।
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सभापति एम वेंकैया नायडू ने सत्र के पहले दिन सदन को मुखर्जी और वर्तमान सदस्यों बेनी प्रसाद वर्मा, एम पी वीरेंद्र कुमार तथा अमर सिंह के निधन की जानकारी को दी। उन्होंने हाल ही में दिवंगत पूर्व सदस्यों तथा प्रख्यात शास्त्रीय गायक जसराज के निधन का भी जिक्र किया।
सभापति ने मुखर्जी के निधन का जिक्र करते हुए कहा कि मुखर्जी का जन्म स्वतंत्रता सेनानियों के परिवार में हुआ और उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से पढ़ाई की। उनके पांच दशक से भी लंबे राजनीतिक सफर का जिक्र करते हुए नायडू ने कहा कि मुखर्जी योजना आयोग के उपाध्यक्ष के अलावा केंद्र में कई अहम मंत्री पदों पर रहे। इनमें वित्त, विदेश मंत्रालय भी शामिल हैं।
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उन्होंने कहा कि बंगाल के वीरभूम जिले के मिराती गांव में पैदा हुए मुखर्जी कई क्षेत्रों के विशेषज्ञ थे। मुखर्जी की याददाश्त और संसदीय प्रक्रिया के संबंध में उनकी व्यापक जानकारी का जिक्र करते हुए नायडू ने कहा कि वह सरकार के मुख्य संकट मोचक थे। उन्होंने कहा कि विभिन्न वर्गो के बीच सम्मानित मुखर्जी वास्तव में भद्र व्यक्तित्व वाले थे जिन्होंने इस सदन में चार बार पश्चिम बंगाल का और एक बार गुजरात का प्रतिनिधित्व किया।
नायडू ने कहा कि मुखर्जी ने विभिन्न मंचों पर कई प्रतिनिधिमंडलों का नेतृत्व किया और कानून एवं नीतियां बनाने में अहम भूमिका निभायी। उन्हें भारत रत्न के साथ ही उत्कृष्ट सांसद के सम्मान से भी नवाजा गया।
रवींद्र संगीत में गहरी रूचि रखने वाले मुखर्जी ने कई किताबें भी लिखी।
नायडू ने कहा कि मुखर्जी के निधन से देश ने एक कुशल प्रशासक, एक बुद्धिमपन राजनेता, उत्कृष्ट सांसद, विद्वान और दूरदर्शी राजनेता खो दिया है।
इसके बाद नायडू ने बेनी प्रसाद वर्मा, अमर सिंह और एम पी वीरेंद्र कुमार के निधन का जिक्र किया।
सदन ने पूर्व सदस्यों हिफेई, एम वी राजशेखरन, सनातन बिसी, बसंत कुमार दास, आर टी गोपालन, भवानी चरण पटनायक अजित जोगी, सरोज दुबे, विश्वबंधु गुप्ता, विष्णु चरण दास, राम अवधेश सिंह, श्यामल चक्रवर्ती, नंदी येलैया, नरेंद्र कुमार स्वैन को भी श्रद्धांजलि दी।
परंपरागत रूप से किसी मौजूदा सदस्य या पूर्व राष्ट्रपति के निधन पर सदन की बैठक पूरे दिन के लिए स्थगित की जाती है। लेकिन कोरोना वायरस महामारी की पृष्ठभूमि में 18 दिनों के संक्षिप्त सत्र में एक घंटे के लिए ही कार्यवाही स्थगित की गयी।
एक बार के स्थगन के बाद सदन की कार्यवाही फिर शुरू होने पर नायडू ने पिछले दिनों देश के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश के कारण जानमाल के नुकसान का जिक्र किया।
उन्होंने कहा कि पिछले दिनों असम, आंध्र प्रदेश, बिहार, केरल, मध्य प्रदेश, गुजरात, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों और मुंबई शहर में भारी बारिश के कारण एक हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो गयी वहीं लाखों लोग प्रभावित हुए।
उन्होंने केरल के इदुक्की जिले में भूस्खलन के कारण 65 लोगों की मौत होने का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों भारी बारिश के कारण लोगों की मौत होने के अलावा फसलों को भी भारी क्षति हुयी। उन्होंने जानमाल के नुकसान को दुखद बताया और पीड़ितों के परिवारों के प्रति संवेदना जतायी तथा घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
सदस्यों ने भारी बारिश के कारण जान गंवाने वाले लोगों के सम्मान में कुछ क्षणों का मौन रखा और उन्हें श्रद्धांजलि दी।
अविनाश
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(The above story first appeared on LatestLY on Sep 14, 2020 05:53 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

