मुंबई/चंडीगढ़, 10 जून नियमों के कथित उल्लंघन को लेकर महाराष्ट्र और हरियाणा में शुक्रवार को राज्यसभा चुनाव की मतगणना में देरी हुई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के इस आरोप के बाद मतगणना रोक दी गई कि सत्तारूढ़ महा विकास अघाडी (एमवीए) के तीन विधायकों-कैबिनेट मंत्रियों-जितेंद्र आव्हाड (राकांपा), यशोमती ठाकुर (कांग्रेस) और शिवसेना के विधायक सुहास कांडे ने मतदान से संबंधित आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन किया।
प्रदेश भाजपा के एक नेता ने कहा, ‘‘हमने निर्वाचन आयोग के समक्ष अपील की है कि उनके (एमवीए के तीन विधायकों) वोट को अमान्य ठहराया जाए।’’
भाजपा ने आरोप लगाया कि आव्हाड और ठाकुर ने केवल मतपत्र दिखाने के बजाय अपने मतपत्र अपनी पार्टी के एजेंट को सौंप दिए, जबकि कांडे ने दो अलग-अलग एजेंट को अपना मतपत्र दिखाया।
हरियाणा में भी समान कारणों से मतगणना रोक दी गई है।
भाजपा और उसके समर्थन वाले निर्दलीय उम्मीदवार ने निर्वाचन आयोग से कांग्रेस के दो विधायकों के मत रद्द करने का आग्रह किया है।
भाजपा प्रत्याशी कृष्ण लाल पंवार और निर्दलीय उम्मीदवार कार्तिकेय शर्मा ने निर्वाचन आयोग को संदेश भेजा, जिसमें आरोप लगाया गया है कि कांग्रेस विधायकों-किरण चौधरी और बी. बी. बत्रा ने मतदान के बाद अपना मतपत्र अनधिकृत व्यक्तियों को दिखाया और यह पूरा घटनाक्रम चुनाव के उद्देश्य से लगाए गए कैमरों में कैद हो गया।
सूत्रों ने चंडीगढ़ में कहा कि निर्वाचन आयोग को की गई शिकायत के मद्देनजर मतगणना रोक दी गई है। आयोग के निर्देश के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
शिवसेना के नेता एवं मंत्री एकनाथ शिंदे ने मुंबई में कहा, "मतगणना के लिए निर्वाचन आयोग से अनुमति की जरूरत है। अधिकारियों ने निर्वाचन आयोग को अनुमति के लिए एक ईमेल भेजा है।"
वहीं, एक संविधान विशेषज्ञ ने कहा, "मतगणना तब तक शुरू नहीं की जा सकती जब तक निर्वाचन आयोग अपना फैसला नहीं दे देता क्योंकि जब तक वैध मतों की संख्या तय नहीं हो जाती, तब तक जीत का कोटा तय नहीं किया जा सकता।"
इस बीच, कांग्रेस ने निर्वाचन आयोग से हरियाणा से राज्यसभा चुनाव के नतीजे अविलंब घोषित करने का आग्रह किया और कहा कि भारतीय जनता पार्टी की ओर से दो विधायकों के मतों को लेकर जताई गई आपत्ति सिर्फ चुनाव की प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास है।
पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने अपने उम्मीदवार अजय माकन के समर्थन में निर्वाचन आयोग का रुख किया और नतीजे घोषित करने की मांग की। इस प्रतिनिधिमंडल के तहत पवन कुमार बंसल, रंजीत रंजन और विवेक तन्खा सीधे आयोग पहुंचे तथा भूपेश बघेल, पी चिदंबरम, रणदीप सुरजेवाला, भूपेंद्र सिंह हुड्डा और राजीव शुक्ला ऑनलाइन जुड़े।
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