ताजा खबरें | रजनी पाटिल का निलंबन 2016 के भगवंत मान मामले में बनाई प्रक्रिया को आधार बनाकर किया गया: धनखड़

नयी दिल्ली, 26 फरवरी राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने शुक्रवार को कहा कि कांग्रेस सांसद रजनी पाटिल को बजट सत्र की शेष अवधि के लिए सदन से निलंबित किए जाने में उसी प्रक्रिया का अनुसरण किया गया जो आम आदमी पार्टी (आप) के तत्कालीन सांसद भगवंत मान द्वारा संसद की कार्यवाही की सोशल मीडिया में ‘लाइव स्ट्रीमिंग’ करने के मामले के बाद 2016 में बनाई गई थी।

मान अब पंजाब के मुख्यमंत्री हैं। उन्हें इसके लिए एक समिति की सिफारिशों के आधार पर पूरे सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया था। इस समिति में तत्कालीन भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सांसद किरीट सोमैया और कांग्रेस के के सी वेणुगोपाल शामिल थे।

कांग्रेस सांसद पाटिल को सदन की कार्यवाही का वीडियो बनाने और उसे सोशल मीडिया में पोस्ट करने के लिए शुक्रवार को बजट सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित कर दिया गया।

धनखड़ ने कहा कि पाटिल के निलंबन में आसन ने उन्हीं प्रक्रियाओं का पालन किया है जो मान के मामले में संसद और लोकसभा परिसर में किए गए इसी प्रकार के व्यवहार के बाद तय की गई थी।

इससे पहले, धनखड़ ने सांसदों द्वारा नियमों का पालन नहीं करने पर नाराजगी जताई और संकेत दिया कि उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी, जिन्होंने एक दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण के दौरान विपक्षी दलों के हंगामे की वीडियो रिकार्डिंग की है।

बाद में, सदन के नेता पीयूष गोयल ने पाटिल के निलंबन की मांग करते हुए एक प्रस्ताव पेश किया। इसके बाद सभापति ने विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं से इस मुद्दे पर अपने विचार व्यक्त करने को कहा।

इस दौरान कई विपक्षी सदस्यों ने कहा कि राज्यसभा टीवी सदन की कार्यवाही को कवर करने में पक्षपाती था। वहीं, कुछ सदस्यों की राय थी कि सदन की कोई समिति इस मुद्दे पर गौर करे।

रजनी पाटिल ने कहा कि उन्होंने जानबूझकर ऐसा नहीं किया और इतना सख्त कदम उठाना उचित नहीं होगा। उन्होंने कहा, ‘‘सदन में जिस तरह से चर्चा हो रही है, अनजाने में कोई गलती हो गई हो तो इतनी बड़ी सजा देंगे, नाम ले लेकर.. तो मुझे लगता है कि जो स्वतंत्रता सेनानी के घर से आती हो, उसे यहां रहने का कोई अधिकार नहीं है।’’

पाटिल ने कहा, ‘‘अगर आप चाहते हैं तो मुझे इस सत्र के लिए नहीं, आने वाले सभी सत्रों के लिए निलंबित कर सकते हैं और मैं इस्तीफा भी दे सकती हूं...।’’

धनखड़ ने कहा कि इस संबंध में एक सुझाव यह भी आया कि किसी बाहरी एजेंसी द्वारा तत्काल जांच कराई जाए, लेकिन उन्होंने इसे खारिज कर दिया है।

ब्रजेन्द्र

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)