जरुरी जानकारी | राजस्थान तिलम संघ का राजफैड में होगा विलय
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. राजस्थान सरकार सहकारिता के ढांचे को मजबूत करने के लिये तिलम संघ का राजफैड में विलय की प्रक्रिया शुरू करेगी।
जयपुर, आठ अक्टूबर राजस्थान सरकार सहकारिता के ढांचे को मजबूत करने के लिये तिलम संघ का राजफैड में विलय की प्रक्रिया शुरू करेगी।
सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना ने बताया कि तिलम संघ इस समय लगभग 167 करोड़ रुपये के घाटे में है तथा उसपर लगभग 151 करोड़ रुपये की देनदारिया है। सहकारिता के ढांचे को मजबूत करने की दिशा में यह कदम उठाया जा रहा है।
यह भी पढ़े | Fixed Deposit पर इन बैंकों में मिल रहा हैं सबसे जादा ब्याज, पैसे लगाने पर मिलेगा अच्छा फायदा.
आंजना ने कहा कि 1991 से पहले तिलम संघ राजस्थान राज्य सहकारी विपणन संघ (राजफैड) का ही अंग था लेकिन विश्व बैंक की शर्तो के आधार पर 1991 में राजफैड से अलग कर तिलम संघ की स्थापना की गई थी तथा वर्ष 2008 से तिलम संघ के तीनों उत्पादन संयत्र (कोटा, श्रीगंगानगर व फतेहनगर) बंद है। इन संयत्रों की मशीनरी भी पुरानी हो चुकी है।
सहकारिता मंत्री ने कहा कि तिलम संघ के राजफैड में विलय से राजफैड को भी फायदा होगा तथा राजफैड में अधिकारियों एवं कर्मचारियों के रिक्त पदों की भी पूर्ति हो जाएगी।
यह भी पढ़े | Tecno Mobile: टेक्नो के कैमोन सीरीज को 10 अक्टूबर को किया जाएगा लॉन्च, जानें कीमत और फीचर्स.
उन्होंने कहा कि तिलम संघ के पास बाजार दर से लगभग 500 करोड़ की संपत्तियां है, जो राजफैड़ में तिलम संघ के विलय होने पर राजफैड के पास आ जाएगी।
उन्होंने निर्देश दिए कि तिलम संघ के राजफैड़ में विलय की प्रक्रिया को नियमानुसार किया जाए। तिलम संघ में वर्तमान में 113 कार्मिक कार्यरत है। जिनमें से 40 कार्मिक अगले वर्ष सेवानिवृत हो रहे है। तिलम संघ के विलय होने पर 89 कार्मिक राजफैड में समायोजित होंगे।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)