देश की खबरें | राजस्थान सरकार की अवैध खनन मामले में दोषी को छोड़ने की कोई मंशा नहीं है: मंत्री
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जयपुर, 11 मार्च राजस्थान के खान मंत्री प्रमोद भाया ने शुक्रवार को विधानसभा में कहा कि राज्य सरकार की अवैध खनन मामले में दोषी को छोड़ने की कोई मंशा नहीं है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा हमेशा अवैध खनन माफियाओं एवं आदतन अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाती है।
भाया ने प्रश्नकाल के दौरान इस संबंध में सदस्यों के पूरक प्रश्नों के उत्तर में बताया कि यदि जाने- अनजाने में किसी के द्वारा खनन कर लिया जाता है और यह अवैध खनन की श्रेणी में आ जाता है तो जुर्माना फीस लेकर उसे नियमित कर दिया जाता है, ताकि अपराधी तो दण्डित हो लेकिन सामान्य जन दण्डित न हो।
खान मंत्री ने कहा कि अवैध खनन के संबंध में सरकार चिंतित है और इसकी रोकथाम के लिए समय- समय पर जिला प्रशासन एवं विभिन्न संबंधित विभागों के साथ मिलकर विशेष अभियान चलाए गये हैं तथा इस संबंध में कई कार्मिकों के खिलाफ कार्रवाई भी की गई है।
उन्होंने बताया कि दोषियों को 16 सीसीए एवं 17 सीसीए की निर्धारित प्रक्रिया के तहत कारण बताओ नोटिस जारी कर सुनवाई का अवसर दिया जाता है और आरोप तय होने के बाद विस्तृत जांच की जाती है एवं इस प्रक्रिया में समय लगता है।
उन्होंने स्पष्ट किया,‘‘राज्य सरकार की दोषी को फायदा देकर छोड़ने की कोई मंशा नहीं है।’’
इससे पहले खान मंत्री ने विधायक संदीप शर्मा के मूल प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि राज्य में जनवरी, 2020 से जनवरी, 2022 तक खान विभाग द्वारा 1303 तथा वन विभाग द्वारा 3565 अवैध खनन के मामले दर्ज किये गये। उन्होंने इसका जिलेवार संख्या का विवरण सदन के पटल पर रखा।
महिला एवं बाल विकास मंत्री ममता भूपेश ने कहा कि वर्तमान में नए आंगनबाडी केन्द्र खोलने पर भारत सरकार की रोक है , उसके बाद भी नवीन आंगनबाडी केन्द्र की स्वीकृति के लिए राज्य सरकार की ओर से भारत सरकार को तीन बार पत्र लिखे गये हैं।
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