देश की खबरें | राजस्थान: कांग्रेस ने अपने विधायकों को जैसलमेर भेजा
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

जयपुर/जैसलमेर, 31 जुलाई राजस्थान में चल रहे सियासी घमासान में विधायकों को तोड़ने की आशंका के बीच कांग्रेस और उसके समर्थक दल के विधायकों को शुक्रवार को राजधानी जयपुर से दूर सीमावर्ती शहर जैसलमेर भेज दिया गया है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के साथ ये विधायक कुल पांच उड़ानों से जैसलमेर पहुंचे।

रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री गहलोत ने हवाई अड्डे पर कहा, ‘‘हमारे विधायक काफी दिन से यहां बैठे हुए थे, मानसिक रूप से प्रताड़ित हो रहे थे, इसलिए हमने उन्हें नयी जगह ले जाने का सोचा। इससे उनपर दबाव कम होगा, ज्यादा दूर भी नहीं है, इसलिए हम जा रहे हैं।’’

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राज्य में मौजूदा राजनीतिक रस्साकशी व उठापटक शुरू होने के बाद से गहलोत सरकार समर्थक कांग्रेस और अन्य दलों के विधायक 13 जुलाई से यहां शहर के बाहर एक होटल में रुके हुए थे। पार्टी सूत्रों के अनुसार विधायकों सहित 100 से अधिक लोग जैसलमेर पहुंचे हैं।

विधायकों के जैसलमेर स्थानांतरित होने पर सरकारी कामकाज के बारे में गहलोत ने कहा, ‘‘मैं खुद जयपुर रहूंगा, मेरे अधिकांश मंत्री जयपुर रहेंगे, आते-जाते रहेंगे। परंतु प्रशासन में हम लोग कोई समझौता नहीं करेंगे। कोरोना वायरस संक्रमण को लेकर मैं रोज वीडियो कॉन्फ्रेंस कर रहा हूं। रोज आदेश जारी हो रहे हैं, कानून व्यवस्था की स्थिति हमने संभाल रखी है।’’

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गहलोत ने कहा, ‘‘लेकिन साथ में सरकार बचाना भी जरूरी है क्योंकि अगर केंद्र सरकार खुद (आपके पीछे पड़ जाए) लग जाए, गृह मंत्रालय लग जाए तो आप सोच सकते हो कि मुकाबला करने के लिए ... आज खुद जनता साथ दे रही है हमारा। राजस्थान का बच्चा-बच्चा, हर परिवार चिंतित है, वो सोच रहे हैं कि हो क्या रहा है मुल्क के अंदर? राजस्थान में क्या हो रहा है?’’

मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस और उसका साथ दे रहे विधायकों को, उनके परिवार वालों को फोन आ रहे हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘आज हमारे विधायक यहां बैठे हुए थे। जैसे ही परसों राज्यपाल का आदेश विधानसभा सत्र आहूत करने को लेकर जारी हुआ और कहां-कहां से टेलीफोन आने लग गए उनके पास। हमारे विधायकों को, उनके परिवारवालों को, उनके मिलने वालों को, धमकी भरे भी, दबाव भरे भी। मानसिक रूप से परेशान कर दिया।’’

उन्होंने कहा कि विधायकों को 10 या 15 करोड़ रुपये की नहीं बल्कि असीमित राशि की पेशकश है, उनसे पूछा जा रहा है कि आप बता दो आप क्या चाहते हो?

गहलोत ने कहा, ‘‘जिस मुल्क में ये खरीद-फरोख्त हो रही हो, उस मुल्क का क्या होगा?’’ भाजपा और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, ‘‘भारतीय जनता पार्टी के जो नेता आज सत्ता में बैठे हुए हैं, अमित शाह का नाम मैं बार-बार इसलिए लेता हूं कि आगे वे ही आते हैं, कर्नाटक के लिए भी या मध्य प्रदेश के लिए भी, गोवा हो, मणिपुर हो, अरुणाचल प्रदेश हो, सब जगह वो ही आते हैं।’’

गहलोत ने कहा, ‘‘.....तो मजबूरी में कहना पड़ता है कि अमित शाह जी आपको क्या हो गया है? आप रात-दिन, जागते हुए-सोते हुए हर वक्त आप सोचते हो कि किस तरह मैं सरकार को गिराऊं। अब चुनी हुई सरकारें यदि इस तरह से गिरने लगेंगी, तो देश में लोकत्रत्र कहां बचेगा? ये लोकतंत्र को बचाने का अभियान हम चला रहे हैं पूरे देश के अंदर।’’

गहलोत के साथ-साथ उनके सभी प्रमुख मंत्री, प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडे व कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला भी जैसलमेर पहुंचे हैं। ये लोग चार्टर विमानों की पांच उड़ानों से जयपुर से जैसलमेर पहुंचे जहां शहर के बाहर एक निजी होटल में उन्हें रुकवाया गया है।

वहीं जैसलेमर पहुंचने पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के विश्वसनीय माने जाने वाले पूर्व सांसद बद्री राम जाखड़ ने इन विधायकों आगवानी की।

इससे पहले जयपुर में परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा कि सभी विधायक एकजुट रह सकें इसलिये विधायकों को जैसलमेर ले जाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की रणनीति है कि एक भी विधायक की खरीद-फरोख्त ना हो सके।

जयपुर हवाई अड्डे पर संवाददाताओं से बातचीत में कांग्रेस विधायक प्रशांत बैरवा ने कहा कि सभी एक ही जगह पर रहते-रहते परेशान हो गए हैं, इसलिए बदलाव के लिए जैसलमेर जा रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री गहलोत ने बृहस्पतिवार को दावा था किया कि आगामी विधानसभा सत्र की तारीख तय होने के बाद राज्य में विधायकों के खरीद-फरोख्त का 'रेट’ बढ़ गया है।

इसके बाद ही विधायकों को जैसलमेर ले जाने का फैसला किया गया।

वहीं भाजपा ने राज्य के विधायकों को जयपुर से जैसलमेर भेजे जाने पर कटाक्ष किया है। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनियां ने कहा कि जब कांग्रेस पार्टी के सभी विधायक एकजुट हैं, कोई खतरा नहीं है, सब ठीक है तो यह बाड़ाबंदी क्यों?

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