देश की खबरें | राजस्थान : अधिकारी और मंत्री के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग को लेकर भाजपा सांसद धरने पर बैठे
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग (पीएचईडी) में कथित भ्रष्टाचार से जुड़े दो मामले में पुलिस द्वारा संबंधित अधिकारी और मंत्री के खिलाफ मामला दर्ज करने से इनकार किये जाने पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राज्यसभा सदस्य किरोड़ी मीणा मंगलवार को एक शिकायतकर्ता के साथ यहां अशोक नगर थाने के सामने धरने पर बैठ गये।
जयपुर, 20 जून जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग (पीएचईडी) में कथित भ्रष्टाचार से जुड़े दो मामले में पुलिस द्वारा संबंधित अधिकारी और मंत्री के खिलाफ मामला दर्ज करने से इनकार किये जाने पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राज्यसभा सदस्य किरोड़ी मीणा मंगलवार को एक शिकायतकर्ता के साथ यहां अशोक नगर थाने के सामने धरने पर बैठ गये।
मीणा ने सोमवार को पीएचईडी द्वारा लागू किए जल जीवन मिशन परियोजनाओं से संबंधित निविदा में अनियमितता का आरोप लगाया था।
अशोक नगर थाने के बाहर शिकायतकर्ता टी एन शर्मा के साथ धरने पर बैठे मीणा ने संवाददाताओं से कहा, "हम प्राथमिकी दर्ज करने की मांग को लेकर धरने पर बैठे हैं... पुलिस ने शिकायत दर्ज करने से इनकार कर दिया है।"
इस मुद्दे पर पुलिस की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।
एक शिकायत में आरोप है कि जल जीवन मिशन की 48 परियोजनाओं में फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र के आधार पर दो फर्मों को 900 करोड़ रुपये की निविदा जारी की गई।
शर्मा ने एक शिकायत में दो वरिष्ठ अधिकारियों का नाम लिया, जबकि दूसरी में उन्होंने राजस्थान के पीएचईडी मंत्री महेश जोशी सहित अन्य का नाम लिया। हालांकि, जोशी ने अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि निविदा प्रक्रिया में किसी मंत्री की भूमिका नहीं होती है।
जोशी ने कहा,‘‘मुझ पर लगाए गए आरोप पूरी तरह बेबुनियाद हैं। आरोप लगाना किरोड़ी मीणा की आदत बन गई है, अगर उनके पास सबूत हैं, तो उन्हें इसे मुख्यमंत्री या किसी को भी देना चाहिए।' उन्होंने कहा, "निविदा प्रक्रिया में मंत्री की कोई भूमिका नहीं होती है, इसलिए मेरे खिलाफ मीणा के आरोप बेबुनियाद हैं।"
नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ भी थाने पहुंचे और शिकायतों पर प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की। राठौड़ ने कहा,‘‘मैंने पुलिस अधिकारियों से बात की लेकिन प्राथमिकी दर्ज नहीं की जा रही है। इससे सरकार का असली चेहरा सामने आ गया है।’’
उन्होंने कहा,‘‘एक तरफ तो मुख्यमंत्री कहते हैं कि सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर चलती है और दूसरी तरफ पुलिस प्राथमिकी दर्ज करने को तैयार नहीं है।’’
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