विदेश की खबरें | राजपक्षे ने भारत, चीन और पश्चिम एशियाई देशों से सहायता मांगी
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कोलंबो, नौ जून श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे ने द्वीपीय देश के अभूतपूर्व आर्थिक संकट के बीच शुक्रवार को भारत, चीन और पश्चिम एशिया के देशों के उच्चायुक्तों और राजदूतों से मुलाकात की और उनसे हरसंभव सहायता मांगी।
राष्ट्रपति राजपक्षे ने ट्वीट किया, ‘‘आज सुबह पश्चिम एशिया, चीन और भारत के राजदूतों और उच्चायुक्तों के साथ एक उपयोगी बैठक हुई। मैंने मौजूदा संकट को हल करने में उनकी सहायता का अनुरोध किया, जबकि उन्हें श्रीलंका की वर्तमान आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक स्थिति के बारे में जानकारी दी और उनकी सकारात्मक प्रतिक्रिया की सराहना की।’’
राष्ट्रपति ने इन देशों द्वारा श्रीलंका को पहले प्रदान की गई सहायता की भी सराहना की, जो 1948 में ब्रिटेन से अपनी स्वतंत्रता के बाद से अभूतपूर्व आर्थिक संकट से जूझ रहा है।
श्रीलंका के आर्थिक संकट ने राजनीतिक अशांति पैदा कर दी है और प्रदर्शनकारी राष्ट्रपति राजपक्षे के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
राष्ट्रपति कार्यालय द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, ‘‘राष्ट्रपति राजपक्षे ने राजनयिकों से मौजूदा स्थिति को हल करने में श्रीलंका को हरसंभव सहायता देने का अनुरोध किया। उन्होंने उन देशों द्वारा अब तक प्रदान की गई सहायता की भी सराहना भी की।’’
भारत की 'पड़ोसी पहले' नीति को ध्यान में रखते हुए, नयी दिल्ली ने श्रीलंका के लोगों को उनकी मौजूदा कठिनाइयों को दूर करने में मदद करने के लिए अकेले इस वर्ष 3.5 अरब अमेरिकी डालर से अधिक की सहायता प्रदान की है।
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