मुंबई, 28 अगस्त कांग्रेस प्रवक्ता अनंत गाडगिल ने शुक्रवार को कहा कि मुद्दों को उठाने का मतलब विद्रोह नहीं होता। साथ ही उन्होंने भाजपा नेताओं को चीनी ‘‘अतिक्रमण’’ और आर्थिक तथा विदेश नीति के मोर्चों पर सरकार की ‘‘विफलताओं’’ के मुद्दों पर उनके राष्ट्रीय नेतृत्व के खिलाफ बोलने का साहस दिखाने की चुनौती दी।
उन्होंने कहा कि निश्चित रूप से कांग्रेस पार्टी में आंतरिक लोकतंत्र मौजूद है।
गाडगिल ने भाजपा पर निशाना साधते हुए पूछा, ‘‘क्या भाजपा नेता उनके राष्ट्रीय नेतृत्व के खिलाफ बोलेंगे? मैं भाजपा को चीनी अतिक्रमण (एलएसी के पार), विदेश नीति और अर्थव्यवस्था के मुद्दों पर बहस करने की चुनौती देता हूं। क्या भाजपा नेता अपने केंद्रीय नेतृत्व के खिलाफ आवाज उठाएंगे।’’
उन्होंने कहा कि मुद्दों को उठाने का मतलब विद्रोह नहीं है।
दरअसल गाडगिल उस मामले का जिक्र कर रहे थे, जिसमें 20 से अधिक कांग्रेस नेताओं ने पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखकर संगठनात्मक बदलाव की मांग की थी।
कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की सोमवार को हुई बैठक के बारे में पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए, गाडगिल ने कहा कि (बैठक की) कार्यवाही ने साबित कर दिया कि 134 साल पुरानी पार्टी में आंतरिक लोकतंत्र मौजूद है।
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