ताजा खबरें | रास में उठी बच्चों को उत्पीड़न से बचाने की मांग

Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. राज्यसभा में मंगलवार को समाजवादी पार्टी ने बच्चों को उत्पीड़न से बचाने की मांग करते हुए सुझाव दिया कि उनके बेहतर भविष्य के लिए देश में अगले दस वर्षों तक बच्चों पर केंद्रित योजना बनाई जानी चाहिए और स्थानीय निकायों को बच्चों को सुरक्षित माहौल देने के लिए सीधे तौर पर जवाबदेह बनाया जाना चाहिए।

नयी दिल्ली , 22 सितंबर राज्यसभा में मंगलवार को समाजवादी पार्टी ने बच्चों को उत्पीड़न से बचाने की मांग करते हुए सुझाव दिया कि उनके बेहतर भविष्य के लिए देश में अगले दस वर्षों तक बच्चों पर केंद्रित योजना बनाई जानी चाहिए और स्थानीय निकायों को बच्चों को सुरक्षित माहौल देने के लिए सीधे तौर पर जवाबदेह बनाया जाना चाहिए।

शून्यकाल में यह मुद्दा उठाते हुए सपा के रविप्रकाश वर्मा ने कहा कि कोरोना वायरस का संक्रमण फैलने से रोकने के लिए देश भर में लॉकडाउन लागू किया गया था और इस दौरान स्कूल, कॉलेज बंद हो गए।

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वर्मा के अनुसार, राष्ट्रीय बाल आयोग ने सूचना दी है कि लॉकडाउन के शुरुआती दो चरणों के दौरान दौरान करीब 92,000 बच्चों के साथ दुर्व्यवहार और उत्पीड़न के मामले सामने आए। यह अत्यंत दुखद एवं चिंतनीय है।

उन्होंने कहा ‘‘राष्ट्रीय आंकड़े बताते हैं कि करीब 52 फीसदी बच्चे उत्पीड़न के शिकार होते हैं।’’

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वर्मा ने कहा कि ऐसे बच्चे बड़े हो कर भी अपना अतीत भूल नहीं पाते तथा अपमान एवं उपेक्षा के कारण लंबे समय तक अजीब से भय और मानसिक पीड़ा के साथ जीते हैं तथा आजीवन मनोविकार के शिकार रहते हैं।

उन्होंने कहा ‘‘इससे न केवल बच्चों का भविष्य बर्बाद होता है बल्कि यह चक्र भी चलता रहता है और इसकी कीमत पूरे देश को चुकानी पड़ती है।’’

वर्मा ने मांग की कि देश में ऐसे बच्चों को शुरू में ही पहचान कर उनका मनोविज्ञान उपचार आरंभ कर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि बच्चों के भविष्य के लिए देश में अगले दस वर्षों तक बच्चों पर ही केंद्रित योजना बनाई जानी चाहिए।

साथ ही उन्होंने मांग की कि स्थानीय निकायों को बच्चों को सुरक्षित माहौल देने के लिए सीधे तौर पर जवाबदेह बनाया जाना चाहिए।

मनीषा

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