देश की खबरें | बारिश से उत्तर प्रदेश के पीलीभीत, लखीमपुर खीरी में बाढ़, सेना ने संभाला मोर्चा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. लखीमपुर खीरी और पीलीभीत जिलों में दो दिनों की मूसलाधार बारिश और बांधों से छोड़े गए पानी ने तबाही मचा दी है। भयावह स्थिति के कारण बाढ़ में फंसे लोगों को निकालने के लिए प्रशासन को सेना की मदद लेनी पड़ी।
लखीमपुर खीरी/पीलीभीत/बरेली (उत्तर प्रदेश), 20 अक्टूबर लखीमपुर खीरी और पीलीभीत जिलों में दो दिनों की मूसलाधार बारिश और बांधों से छोड़े गए पानी ने तबाही मचा दी है। भयावह स्थिति के कारण बाढ़ में फंसे लोगों को निकालने के लिए प्रशासन को सेना की मदद लेनी पड़ी।
पीलीभीत से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद वरुण गांधी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बाढ़ के कारण फसलों को हुए नुकसान का मुआवजा दिलाने की मांग की है।
लखीमपुर खीरी के जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौरसिया ने बताया कि जिले के मिर्जापुर गांव में बाढ़ के पानी में डूब कर सुंदरलाल (65) की मौत हो गई। बरेली से बुलाई गई सेना के जवानों ने बाढ़ के पानी में फंसे 15 लोगों को विमान से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया, इसके अलावा राहत एवं बचाव टीम ने धौरहरा कोतवाली क्षेत्र के समर्दा बादल गांव में भी बाढ़ में फंसे 29 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया।
उन्होंने बताया कि धौरहरा कोतवाली क्षेत्र के अगहरा देवमनिया गांव में तलिया घाट के निकट 17 लोगों को ले जा रही एक नाव उफनाई घाघरा नदी में पलट गई। इस घटना में नाव पर सवार नौ लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, जबकि आठ लापता लोगों की तलाश की जा रही है। नाव पर सवार लोग मिर्जापुर ग्राम पंचायत के गांव भदई पुरवा के रहने वाले हैं और वे घाघरा नदी के पार अपनी धान की फसल इकट्ठा करने गए थे।
बरेली से प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक जिले में पिछले दो दिनों के दौरान मूसलाधार बारिश के कारण हादसों में एक दंपति समेत छह लोगों की मौत हो गई।
पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) राजकुमार अग्रवाल ने बताया कि फरीदपुर के नवादा क्षेत्र में मंगलवार को बारिश के कारण एक मकान ढह जाने से मलबे में दबकर संबंध सिद्दीकी (58) की मौके पर ही मौत हो गई जबकि उनकी घायल पत्नी अख्तरी (55) की अस्पताल में इलाज के दौरान मृत्यु हो गई। इसी तरह रामनगर ब्लॉक में बारिश के दौरान एक मकान ढहने से मलबे में दबकर नौ वर्षीय एक लड़के की मौत हो गई।
उन्होंने बताया कि इसके अलावा अलीगंज थाने के चुरहा नदिया गांव में बारिश के दौरान नहर में डूबने से मुन्नी देवी (45) की मौत हो गई। हाफिज गंज इलाके में मूसलाधार बारिश में सड़क पार करते वक्त ट्रक की चपेट में आने से मंगली लाल (48) की मृत्यु हो गई। वहीं, मंगलवार रात ड्यूटी खत्म कर लौट रहे होमगार्ड के जवान राजा राम गंगवार (46) की अटकोना पुल के पास सड़क पार करते समय ट्रक से कुचलकर मृत्यु हो गई।
पीलीभीत से प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक जिलाधिकारी पुलकित खरे ने बुधवार को बताया कि जिले में पिछले दो दिनों के दौरान हुई बेमौसम बारिश के कारण शारदा और देवहा नदियों ने रौद्र रूप ले लिया है और इनके किनारे बसे कई गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं।
उन्होंने बताया कि बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए सेना ने अभियान शुरू किया है और अब तक 26 लोगों को विमान से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। जिले के शारदा पुनहाना, गुनहा, गोरख डिब्बी और पलिया में करीब 500 ग्रामीणों के बाढ़ में फंसे होने की सूचना है।
खरे ने बताया कि मंगलवार को पीलीभीत पीएसी फ्लड यूनिट के जवानों ने इन ग्रामीणों को नाव से सुरक्षित निकालने का प्रयास किया था मगर शारदा के भीषण उफान के कारण अभियान टालना पड़ा। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने लोगों को विमान की मदद से निकालने की योजना बनाई। रात में ही बरेली से सेना के जवानों को हेलीकॉप्टर से बुलवाया गया। बुधवार को सुबह से सेना के जवानों ने हेलीकॉप्टर से बचाव अभियान शुरू किया।
सेना के कुछ जवानों ने संवाददाताओं को बताया कि शारदा पार के गांव में लगभग 500 ग्रामीण बाढ़ में फंसे हुए हैं। सभी को सुरक्षित निकालने में समय लगेगा। उधर, पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार पी. पूरी रात माधो टांडा थाने की रामनगर चौकी पर मौजूद रहे। जिला अधिकारी पुलकित खरे और अपर आयुक्त (प्रशासन) अरुण कुमार भी देर रात तक वहां मौजूद रहे।
इधर, नानक सागर और डियूनि बांध से पानी छोड़े जाने से देवहा नदी उफान पर है। नदी का पानी शहर में घुस चुका है। बेनी चौधरी सहित निचले इलाकों में लोग छतों पर रहने को मजबूर हैं। शहर में बरेली मार्ग को जोड़ने वाली ईदगाह मार्ग पर देवहा नदी का पानी घुस चुका है। पुलिस ने रेलवे क्रॉसिंग पर अवरोधक लगाकर इस मार्ग को बंद कर दिया है। तीन दिन हुई बारिश से नानक सागर बांध पूरी तरह भर गया था। मंगलवार सुबह इस बांध का पानी छोड़ा गया उसके बाद ड्यूनि बांध के भी सारे गेट खोल दिए गए। इससे देवहा नदी में बाढ़ आ गई है।
इस बीच, क्षेत्रीय भाजपा सांसद वरुण गांधी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बुधवार को पत्र लिखकर बाढ़ के कारण बर्बाद हुई फसलों का मुआवजा दिलाने की मांग की है।
सांसद के प्रवक्ता एम. आर. मलिक ने बताया कि वरुण ने मुख्यमंत्री से जिले में बाढ़ के कारण बर्बाद हुई फसल का मुआवजा किसानों को दिलाने की मांग की है। उन्होंने बताया कि वरुण बृहस्पतिवार को पीलीभीत पहुंचकर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेंगे।
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(The above story first appeared on LatestLY on Oct 20, 2021 10:52 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

