रेलवे किसी भी जिले से श्रमिक विशेष ट्रेनें चलाने को तैयार: पीयूष गोयल
गोयल ने कहा कि जिलाधिकारियों को राज्य के नोडल अधिकारियों के साथ-साथ रेलवे द्वारा निर्धारित नोडल अधिकारियों के साथ तालमेल बनाना होगा।
नयी दिल्ली, 16 मई केन्द्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को कहा कि रेलवे देश के किसी भी जिले से श्रमिक विशेष ट्रेनें चलाने के लिये तैयार है। उन्होंने जिलाधिकारियों को कोविड-19 लॉकडाउन के चलते उनके जिलों में फंसे प्रवासी कामगारों की सूची तैयार करने के लिये कहा है।
गोयल ने कहा कि जिलाधिकारियों को राज्य के नोडल अधिकारियों के साथ-साथ रेलवे द्वारा निर्धारित नोडल अधिकारियों के साथ तालमेल बनाना होगा।
रेल मंत्री ने ट्वीट कर कहा, ''प्रवासी कामगारों को राहत मुहैया कराने के लिये भारतीय रेल देश के किसी भी जिले से श्रमिक विशेष ट्रेनें चलाने के लिये तैयार है। जिलाधिकारियों को फंसे हुए श्रमिकों और उनके गंतव्यों की सूची बनाकर राज्य के नोडल अधिकारी के जरिये आवेदन करना होगा।''
उन्होंने लिखा, ''इसके अलावा जिलाधिकारियों को रेलवे के राज्य नोडल अधिकारियों को श्रमिकों और गंतव्यों की सूची देनी होगी।''
गोयल बीते कुछ दिनों से राज्य सरकारों से प्रवासियों को उनके घर ले जाने वाली ट्रेनों को मंजूरी देने की अपील कर रहे हैं। यह अपील विशेषकर झारखंड, राजस्थान और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों से की गई है।
हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि शनिवार को मंत्री द्वारा बताये गये उस वर्तमान प्रोटोकॉल से कैसे भिन्न हैं, जिनके तहत ऐसे कामगारों की जिला स्तर पर भी सूची तैयार की जा रही है।
दिन में जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार मंत्रालय ने संकेत दिया कि इस प्रक्रिया से रेलवे को ट्रेनों की जोड़ियों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित होने की उम्मीद है।
इसमें कहा गया, ‘‘अपने गृह राज्य जाने के इच्छुक प्रवासियों के बारे में प्रत्येक जिले से सूचनाएं उपलब्ध कराये जाने के बाद भारतीय रेल ट्रेनों के परिचालन के लिए आगे की कार्रवाई कर सकेगा।’’
विज्ञप्ति में कहा गया, ‘‘भारतीय रेल वर्तमान में अपनी क्षमता से आधी (ट्रेनों) का परिचालन कर रही है। वह बहुत अधिक प्रवासियों का शीघ्र और सुरक्षित ढंग से परिवहन कर सकती है।’’ रेलवे ने कहा कि वह एक दिन में करीब 300 श्रमिक विशेष ट्रेन चला सकती है।
इसमें कहा गया है कि रेलवे की पूरी क्षमता के साथ परिचालन करने से देश भर के प्रवासियों को खासी राहत मिलेगी, जो अपने गृह राज्यों में लौटना चाहते हैं। ‘‘भारतीय रेल जिलों की वास्तविक जरूरतों के अनुसार श्रमिक विशेष ट्रेनें चलाने की जिम्मेदारी निभाने को तैयार है।’’
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(The above story first appeared on LatestLY on May 16, 2020 11:53 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

