नयी दिल्ली, आठ फरवरी सरकार ने बुधवार को लोकसभा को सूचित किया कि रेलवे ने 2022-23 में अब तक सुविधा शुल्क के माध्यम से 600 करोड़ रुपये से अधिक अर्जित किये हैं। यह राशि टिकट रद्द कराने पर यात्रियों से वसूली जाती है।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि रेलवे यात्री (टिकट रद्दीकरण और किराया वापसी) नियम, 2015 के अनुसार टिकट रद्द कराने पर एक शुल्क लगाया जाता है।
आईआरसीटीसी ऑनलाइन टिकट बुक करने वाले यात्रियों से कम्प्यूटराइज्ड यात्री आरक्षण प्रणाली काउंटरों के माध्यम से जारी आरक्षित टिकटों पर वसूले जाने वाले सामान्य किराये के अलावा सुविधा शुल्क भी लेता है।
वैष्णव ने अपने उत्तर में कहा कि वातानुकूलित श्रेणियों के लिए यह सुविधा शुल्क 30 रुपये और गैर-वातानुकूलित श्रेणियों के लिए 15 रुपये है।
टिकट रद्द कराने पर सुविधा शुल्क वापस नहीं किया जाता।
मंत्री ने कहा कि आईआरसीटीसी ने 2019-20 में 352.33 करोड़ रुपये, 2020-21 में 299.17 करोड़ रुपये, 2021-22 में 694.08 करोड़ रुपये और 2022-23 में 604.40 करोड़ रुपये सुविधा शुल्क के रूप में अर्जित किये।
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