देश की खबरें | मुस्लिम लीग पर राहुल का बयान उनकी पार्टी के अनुभव पर आधारित: आईयूएमएल
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) ने शुक्रवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी के उस बयान का स्वागत किया जिसमें उन्होंने केरल में सक्रिय इस पार्टी को पूर्ण रूप से धर्मनिरपेक्ष करार दिया है।
तिरुवनंतपुरम, दो जून इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) ने शुक्रवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी के उस बयान का स्वागत किया जिसमें उन्होंने केरल में सक्रिय इस पार्टी को पूर्ण रूप से धर्मनिरपेक्ष करार दिया है।
आईयूएमएल ने कहा कि कांग्रेस नेता के बयान का आधार उनकी पार्टी का अनुभव है।
आईयूएमएल के महासचिव पी. के. कुन्हालीकुट्टी ने दावा किया कि तीन दशक पहले बाबरी मस्जिद को ध्वस्त किये जाने के बाद जब बहुत से लोग अल्पसंख्यक समुदाय को भ्रमित करने की कोशिश कर रहे थे तब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राज्य नेतृत्व ने मुस्लिमों के सही मार्गदर्शन में मुस्लिम लीग की भूमिका को स्वीकार किया था।
आईयूएमएल के वरिष्ठ नेता ने एक फेसबुक पोस्ट में कहा, ‘‘राहुल गांधी का यह बयान कि मुस्लिम लीग एक धर्मनिरपेक्ष पार्टी है, यह उनकी पार्टी के अनुभव पर आधारित है। इसे हम एक बड़ी जिम्मेदारी के रूप में देखते हैं। इंदिरा गांधी के समय से ही मुस्लिम लीग के कांग्रेस से नजदीकी संबंध रहे।’’
केरल में कांग्रेस नीत संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चे (यूडीएफ) में आईयूएमएल कई दशकों से एक महत्वपूर्ण घटक दल है। आईयूएमएल ने वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में वायनाड सीट से राहुल गांधी की जीत के लिए व्यापक अभियान चलाया था।
भाजपा ने आईयूएमएल के समर्थन में दिये गये राहुल गांधी के बयान की शुक्रवार को आलोचना की और आरोप लगाया कि आईयूएमएल उसी मानसिकता से निर्देशित है जो मोहम्मद अली जिन्ना की अखिल भारतीय मुस्लिम लीग के पीछे थी।
अमेरिका दौरे पर गये राहुल गांधी ने अपनी पार्टी के क्षेत्रीय पार्टी से गठजोड़ से जुड़े एक सवाल पर संवाददाताओं से वाशिंगटन में कहा कि मुस्लिम लीग पूरी तरह धर्मनिरपेक्ष पार्टी है और इसके बारे में कुछ भी सांप्रदायिक नहीं है।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने दावा किया कि क्षेत्रीय पार्टी और जिन्ना के संगठन के बीच संबंध हैं।
उन्होंने नई दिल्ली में पत्रकारों से कहा कि जिन्ना की पार्टी ने मद्रास प्रेसीडेंसी में स्वतंत्रता पूर्व प्रांतीय चुनावों में जीत हासिल की थी, जिसका आज का केरल तब एक हिस्सा था।
उन्होंने कहा कि मलप्पुरम जिला निकाय ने 2013 में लड़कियों की शादी की उम्र 18 साल से घटाकर 16 साल करने का प्रस्ताव पारित किया था, क्योंकि इलाके में मुस्लिम बहुसंख्यक थे।
त्रिवेदी ने दावा किया कि कांग्रेस के लिए ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम), मुस्लिम लीग और एक मुस्लिम धर्मगुरु द्वारा गठित पश्चिम बंगाल की पार्टी इंडियन सेक्युलर फ्रंट जैसी पार्टियां धर्मनिरपेक्ष हैं और प्रतिबंधित कट्टरपंथी इस्लामी संगठन पीएफआई एक 'सांस्कृतिक' संस्था है।
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