विदेश की खबरें | राहुल गांधी ने फिर साधा भाजपा पर निशाना, कहा यह साहस और कायरता के बीच की लड़ाई है
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

(अदिति खन्ना)

लंदन, पांच मार्च कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने रविवार को एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी पर जमकर निशाना साधा और कहा कि वह अपनी आलोचनाओं से नहीं डरते हैं और यह ‘साहस तथा कायरता और प्रेम तथा घृणा’ के बीच की लड़ाई है।

ब्रिटेन की एक सप्ताह लंबी यात्रा पर आए राहुल गांधी फिलहाल लंदन में हैं और उन्होंने ‘इंडियन ओवरसीज कांग्रेस’ द्वारा भारतवंशियों (प्रवासी भारतीयों) के साथ आयोजित बातचीत के दौरान उक्त टिप्पणी की।

राहुल गांधी ने कहा, ‘‘जितना वह मेरे ऊपर हमला करेंगे, मेरे लिए उतना अच्छा होगा, क्योंकि मैं (उन्हें) उतना बेहतर समझ पाउंगा... यह साहस और कायरता के बीच की लड़ाई है। यह सम्मान और अपमान के बीच की लड़ाई है। यह लड़ाई प्रेम और घृणा के बीच है।’’ तालियों की गूंज के बीच उन्होंने कहा, ‘‘जैसा कि मैंने यात्रा के दौरान कहा था: नफरत के बाजार में, हम मोहब्बत की दुकान खोलने आए हैं।’’

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि उन्हें कैंब्रिज विश्वविद्यालय में व्याख्यान देने के लिए बुलाया गया है और निराशा जताते हुए कहा कि भारतीय राजनेता भारत के विश्वविद्यालयों में यूं खुलकर अपने विचार नहीं रख सकते हैं।

‘एकता, विविधता और समावेश’ की थीम पर आयोजित सम्मेलन में भाग लेने पहुंचे हजारों लोगों के जिंदाबाद के नारों के बीच राहुल गांधी ने कहा, ‘‘अच्छा माहौल था (कैंब्रिज विश्वविद्यालय में) और उसने मुझे सोचने पर विवश कर दिया कि एक भारतीय राजनेता कैंब्रिज विश्वविद्यालय, हार्वर्ड विश्वविद्यालय में व्याख्यान दे सकता है, लेकिन वह भारत के किसी विश्वविद्यालय में नहीं बोल सकता है।’’

कांग्रेस सांसद ने कहा, ‘‘कारण सिर्फ इतना है कि हमारी सरकार विपक्ष के किसी विचार, विपक्ष के किसी सिद्धांत पर चर्चा नहीं होने देती है। संसद भवन में भी यही होता है, जब भी हमें महत्वपूर्ण मुद्दों पर बोलना होता है, जैसे.. नोटबंदी, जीएसटी, यह तथ्य कि चीनी हमारी सीमा के भीतर घुसकर बैठे हैं.... हमें इन्हें (इन मुद्दों को) सदन में उठाने नहीं दिया जाता है।’’ इस पर वहां मौजूद करीब दो हजार लोगों द्वारा ‘‘शेम, शेम’’ (शर्म करो) के नारे लगाए गए।

राहुल गांधी ने कहा, ‘‘यह शर्मनाक है, लेकिन सच है और यह वह भारत नहीं है, जिसकी हम सभी को आदत है। हमारा देश एक मुक्त देश है, ऐसा देश है जहां हम अपनी बुद्धिमत्ता पर गर्व करते हैं, एक-दूसरे के विचारों का सम्मान करते हैं, एक-दूसरे की सुनते हैं, लेकिन इस माहौल को बर्बाद कर दिया गया है।’’

राहुल गांधी ने फिर से कहा कि उन्हें कन्याकुमार से कश्मीर तक करीब 4,000 किलोमीटर लंबी ‘भारत जोड़ो यात्रा’ करने को मजबूर होना पड़ा क्योंकि वे सभी संस्थाएं जो लोकतंत्र की रक्षा करती हैं और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता देती है उन पर ‘‘भाजपा ने कब्जा कर लिया है।’’

कांग्रेस नेता ने कहा कि उनकी ‘भारत जोड़ो यात्रा’ ने पूरे देश को दिखाया की असल भारत क्या है? उन्होंने कहा, ‘‘भारत के मूल्य क्या हैं? हमारे धर्म हमें क्या सीखाते हैं? हमारी अलग-अलग एं क्या कहती हैं? हमारी अलग-अलग संस्कृतियां हमें बताती हैं (कि) हम भिन्न-भिन्न विचारों वाला एक देश हैं। हममें बिना किसी घृणा, बिना क्रोध और अपमान के सौहार्दपूर्ण तरीके से एकसाथ रहने की क्षमता है। और जब हम ऐसा करते हैं, तभी हम सफल हैं। यात्रा का यही संदेश था।’’

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)