देश की खबरें | राहुल ने आईयूएमएल को बताया धर्मनिरपेक्ष, कांग्रेस और भाजपा के बीच तीखा आरोप-प्रत्यारोप

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नयी दिल्ली, दो जून कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) को पूरी तरह धर्मनिरपेक्ष पार्टी बताने को लेकर शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और मुख्य विपक्षी दल के बीच तीखा आरोप-प्रत्यारोप देखने को मिला।

भाजपा ने आरोप लगाया कि केरल में कांग्रेस की यह सहयोगी पार्टी मोहम्मद अली जिन्ना की ऑल इंडिया मुस्लिम लीग वाली मानसिकता का अनुसरण करती है। इस पर कांग्रेस ने पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा को अपने संस्थापक लालकृष्ण आडवाणी से पूछना चाहिए कि उन्होंने जिन्ना की मजार पर सलामी क्यों दी थी और जिन्ना को ‘सबसे बड़ा धर्मनिरपेक्ष’ क्यों बताया था?

राहुल गांधी ने बृहस्पतिवार को अमेरिका के ‘नेशनल प्रेस क्लब’ में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा था, ‘‘मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) पूरी तरह से धर्मनिरपेक्ष पार्टी है। उसमें गैर-धर्मनिरपेक्ष जैसा कुछ नहीं है।’’

उनसे सवाल किया गया था कि वह भाजपा का विरोध करते हुए धर्मनिरपेक्षता और लोकतंत्र की रक्षा की बात करते हैं, लेकिन ऐसा क्यों है कि वह केरल में आईयूएमएल से गठबंधन करते हैं?

राहुल गांधी के इस बयान को लेकर भाजपा नेताओं ने उन पर और कांग्रेस पार्टी पर तीखा प्रहार किया।

केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा, ‘‘ये वही लोग हैं, जो विभाजन के बाद यहीं रुक गए थे। उन्होंने विभाजन के बाद यहां मुस्लिम लीग का गठन किया और सांसद बने। उन्होंने शरिया कानून की वकालत की, मुसलमानों के लिए वे अलग सीट आरक्षित करना चाहते थे। ये वही लोग हैं, जो उसी मुस्लिम लीग का हिस्सा हैं। यह राहुल गांधी और कांग्रेस है, जिसे हिंदू आतंकवाद दिखता है, लेकिन उसे लगता है कि मुस्लिम लीग धर्मनिरपेक्ष है।’’

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने दावा किया कि क्षेत्रीय पार्टी और जिन्ना के संगठन के बीच संबंध हैं।

उन्होंने कहा कि जिन्ना की पार्टी ने मद्रास प्रेसीडेंसी में स्वतंत्रता पूर्व प्रांतीय चुनावों में जीत हासिल की थी, जिसका आज का केरल तब एक हिस्सा था।

उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि मालप्पुरम जिला निकाय ने 2013 में लड़कियों की शादी की उम्र 18 साल से घटाकर 16 साल करने का प्रस्ताव पारित किया था, क्योंकि इलाके में मुस्लिम बहुसंख्यक थे।

त्रिवेदी ने कहा कि राज्य की तत्कालीन कांग्रेस सरकार, जिसमें मुस्लिम लीग भी शामिल थी, विपक्ष के उग्र विरोध के बाद ही इस मुद्दे पर पीछे हटी।

भाजपा की केरल इकाई के नेता व पूर्व केंद्रीय मंत्री के जे अल्फोंस ने राहुल पर कटाक्ष करते हुए कहा कि उन्हें इस तरह की टिप्पणियों के लिए माफ कर दिया जाना चाहिए, क्योंकि उनकी ‘‘बौद्धिक क्षमता सीमित है’’।

भाजपा के सूचना और प्रौद्योगिकी विभाग के प्रमुख अमित मालवीय ने कहा, ‘‘धार्मिक आधार पर भारत के विभाजन के लिए जिम्मेदार जिन्ना की मुस्लिम लीग, राहुल गांधी के अनुसार एक 'धर्मनिरपेक्ष' पार्टी है। वायनाड में स्वीकार्य बने रहना भी उनकी मजबूरी है।’’

कांग्रेस ने भाजपा नेताओं के आरोप पर पलटवार करते हुए कहा कि राहुल गांधी ने अमेरिका में केरल के एक संगठन ‘इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग’ (आईयूएमएल) के बारे में बात की है, न कि मोहम्मद अली जिन्ना की उस मुस्लिम लीग का उल्लेख किया था, जिसके साथ मिलकर श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने कभी बंगाल में सरकार बनाई थी।

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने अपने सहयोगी अमिताभ दुबे के एक ट्वीट को रीट्वीट करते हुए दावा किया, ‘‘जब महात्मा गांधी ने भारत छोड़ो आंदोलन शुरू किया था, तो उस समय श्यामा प्रसाद मुखर्जी बंगाल की सरकार में मुस्लिम लीग के साथ थे। बंगाल के बंटवारे के लिए श्यामा प्रसाद मुखर्जी जिम्मेदार थे।’’

दुबे ने अपने ट्वीट में एक तस्वीर साझा की है, जिसमें जिन्ना और मुखर्जी साथ नजर आ रहे हैं।

कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने कहा, ‘‘इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के संस्थापक इस्माईल संविधान सभा के सदस्य थे। चीन से युद्ध के दौरान इन्होंने अपने बेटे मियां ख़ान को भारतीय सेना में शामिल करने की पेशकश की। आईयूएमएल के नेता ई अहमद को अटल जी ने भारत का प्रतिनिधित्व करने जिनेवा भेजा। आईयूमएल ने केरल में सबसे बड़ा संस्कृत विश्वविद्यालय स्थापित किया। आईयूमएल से भाजपा ने नागपुर नगर निगम के लिए गठबंधन भी किया।’’

उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा/संघ को पाकिस्तान की राजनीति और जिन्ना की मुस्लिम लीग का ज़्यादा ज्ञान है। हो भी क्यों ना? आख़िर दोनों की जुगलबंदी ऐतिहासिक जो है।’’

कांग्रेस प्रवक्ता गौरव वल्लभ ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘राहुल गांधी ने जिस पार्टी का उल्लेख किया है, उसका नाम आईयूएमएल है। वह एक पंजीकृत पार्टी है। अगर वह गलत पार्टी है, तो उसका पंजीकरण क्यों हैं?’’

वल्लभ ने कहा, ‘‘भाजपा को याद दिलाना चाहता हूं कि यह वो मुस्लिम लीग नहीं है, जिसके साथ मिलकर श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने बंगाल में सरकार बनाई थी।’’

उन्होंने दावा किया, ‘‘भाजपा के संस्थापक और मार्गदर्शक मंडल के प्रमुख लालकृष्ण आडवाणी ने जिन्ना के मजार पर सलामी दी थी और कहा था कि दुनिया के सबसे बड़े धर्मनिरपेक्ष जिन्ना थे। आडवाणी जी ने जिन्ना के बारे में जो कहा था, वो अभी भी वहां लिखा हुआ है।’’

वल्लभ ने कहा, ‘‘मेरी सलाह है कि भाजपा के मित्र आडवाणी जी से पूछें कि उन्होंने जिन्ना की मजार पर सलामी क्यों दी थी, जिन्ना को सबसे बड़ा धर्मनिरपेक्ष क्यों बताया था?’’

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