देश की खबरें | असम में पहली बार जंगली हाथी के गले में रेडियो कॉलर डाला गया : अधिकारी
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. असम में वन विभाग तथा विश्व वन्यजीव कोष की पहल के तहत एक जंगली हाथी के गले में 'रेडियो कॉलर' लगाया गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
तेजपुर, 17 नवंबर असम में वन विभाग तथा विश्व वन्यजीव कोष की पहल के तहत एक जंगली हाथी के गले में 'रेडियो कॉलर' लगाया गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
रेडियो कॉलर हाथी की गर्दन पर लगाई जाने वाली एक हल्की बेल्ट होती है। यह उपकरण जीपीएस से लैस होता है और कंप्यूटर या मोबाइल ऐप पर वास्तविक समय पर डेटा एकत्र किया जाता है।
अधिकारियों ने बताया कि सोनितपुर जिले में यह प्रयोग किया गया है क्योंकि वहां जंगली हाथी अक्सर क्षेत्र में धान के खेतों को नष्ट कर देते हैं और यहां तक कि मनुष्यों को भी मार देते हैं।
हाथी विशेषज्ञ डॉ. कुशल कुंवर शर्मा ने कहा कि अधिकारियों और डॉक्टरों की एक संयुक्त टीम रंगपारा में अडाबारी चाय बागान के पास अमरीबाड़ी वन कार्यालय के तहत एक क्षेत्र में ठहरी हुई है।
प्रारंभ में नर हाथी के गले में रेडियो कॉलर डाला गया था, लेकिन बाद में प्रायोगिक आधार पर मंगलवार शाम को एक हथिनी पर रेडियो कॉलर लगाया गया।
डॉ. शर्मा ने कहा कि रेडियो-कॉलर झुंड के स्थान, समूह में जानवरों की सही संख्या और झुंड द्वारा अपनाए गए मार्ग की पहचान करने में मदद करते हैं। जब भी कोई हाथी मानव बस्ती के आसपास होता है, तो डेटा की निगरानी से पूर्व चेतावनी मिल जाती है।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)