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COVID-19 से जुड़े घटनाक्रमों और फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों पर तय होगी शेयर बाजारों की दिशा

कंपनियों के तिमाही नतीजों, कोरोना वायरस से जुड़े घटनाक्रमों तथा अमेरिका के केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों पर फैसले से इस सप्ताह शेयर बाजारों की दिशा तय होगी. विश्लेषकों ने यह राय जताई है. देश में कोरोना वायरस की वजह से अब तक 775 लोगों की जान जा चुकी है. विश्लेषकों ने कहा कि फ्रैंकलिन टेंपलेटन म्यूचुअल फंड ने छह बांड योजनाएं बंद कर दी हैं.

COVID-19 से जुड़े घटनाक्रमों और फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों पर तय होगी शेयर बाजारों की दिशा
शेयर बाज़ार में हाहाकार

नयी दिल्ली, 26 अप्रैल: कंपनियों के तिमाही नतीजों, कोरोना वायरस से जुड़े घटनाक्रमों तथा अमेरिका के केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व (Federal Reserve System ) के ब्याज दरों पर फैसले से इस सप्ताह शेयर बाजारों की दिशा तय होगी. विश्लेषकों ने यह राय जताई है. शुक्रवार को ‘महाराष्ट्र दिवस’ (Maharashtra Day) पर बाजार बंद रहेंगे. विश्लेषकों ने कहा कि फ्रैंकलिन टेंपलेटन म्यूचुअल फंड ने छह बांड योजनाएं बंद कर दी हैं.

ऐसे मे खुदरा निवेशकों की निगाह बाजार पर इस घटनाक्रम के प्रभाव पर भी रहेगी. मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज (Motilal Oswal Group) के खुदरा शोध प्रमुख सिद्धार्थ खेमका ने कहा, ‘‘निवेशक अब भी कोरोना वायरस के कंपनियों के कारोबार पर पड़ने वाले असर को लेकर अनिश्चित हैं. आगे चलकर बाजार का रुख कंपनियों के तिमाही नतीजों, कच्चे तेल की कीमतों, डॉलर के मुकाबले रुपये के उतार-चढ़ाव, कोरोना वायरस से जुड़े घटनाक्रमों से तय होगा.’’

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खेमका ने कहा कि यदि सरकार की ओर से किसी तरह के राहत पैकेज की घोषणा होती है तो इससे कुछ अंतरिम राहत मिल सकती है. एचडीएफसी सिक्योरिटीज के शोध प्रमुख दीपक जसानी ने कहा, ‘‘अमेरिकी केंद्रीय बैंक की दो दिन की बैठक 28 अप्रैल को शुरू हो रही है. ब्याज दरों पर निर्णय 29 अप्रैल को आएगा. भारतीय बाजार कोविड-19 की वजह से लागू बंद के चलते लगातार तीसरे सप्ताह साप्ताहिक लाभ दर्ज नहीं कर पाए. फ्रैंकलिन टेंमलेटन के ताजा मामले से अर्थव्यवस्था विशेषरूप से वित्तीय क्षेत्र पर दबाव बढ़ेगा.’’

फ्रैंकलिन टेपलेटन म्यूचुअल फंड ने बृहस्पतिवार को निकासी दबाव और बांड बाजार में नकदी की कमी की वजह से छह बांड योजनाएं बंद करने की घोषणा की. इन योजनाओं में प्रबंधन के तहत परिसंपत्तियां 25,000 करोड़ रुपये हैं. शुक्रवार को इस घटनाक्रम की वजह से बीएसई सेंसेक्स 536 अंक टूट गया.

जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि वायरस से जुड़े घटनाक्रमों से बाजार को राहत नहीं मिल पा रही है. निवेशकों की निगाह सरकार पर है. वे सरकार की ओर से किसी राहत पैकेज की घोषणा का इंतजार कर रहे हैं. नायर ने कहा कि इस सप्ताह विशेषरूप से कुछ कंपनियों से जुड़े शेयरों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है.

लॉकडाउन में किसी तरह की ढील से बाजार पर सकारात्मक असर पड़ेगा. इस सप्ताह इंडसइंड बैंक और एक्सिस बैंक के तिमाही नतीजे आएंगे. इसके अलावा एफएमसीजी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी हिंदुस्तान यूनिलीवर भी अपने तिमाही नतीजों की घोषणा करेगी. बीते सप्ताह बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 261.50 अंक या 0.82 प्रतिशत के नुकसान में रहा.

देश में कोरोना वायरस की वजह से अब तक 775 लोगों की जान जा चुकी है. इसके संक्रमित लोगों का आंकड़ा 25,000 के पास पहुंच रहा है. दुनियाभर में यह महामारी अब तक 1,90,000 लोगों की जान ले चुकी है. इससे संक्रमित लोगों की संख्या 28 लाख हो गई है.

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(The above story first appeared on LatestLY on Apr 26, 2020 10:49 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).