RBI Repo Rate Hike: क्या बढ़ जाएगी आपकी होम लोन की EMI? RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा के बयान से समझिए आपके लोन पर क्या होगा असर
यदि आपके पास होम लोन, कार लोन या कोई अन्य फ्लोटिंग रेट लोन है, तो अपने बैंक से यह जरूर जांच लें कि आपका लोन किस बेंचमार्क से जुड़ा है और अगली ब्याज दर रीसेट कब होगी. EMI में बदलाव आपके बकाया लोन, ब्याज दर और शेष अवधि पर निर्भर करेगा.
RBI Repo Rate Hike: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने महंगाई के बढ़ते दबाव को देखते हुए रेपो रेट में 25 बेसिस प्वाइंट (0.25%) की बढ़ोतरी कर इसे 5.50% कर दिया है. इसके साथ ही केंद्रीय बैंक ने अपनी मौद्रिक नीति (Monetary Policy) का रुख 'Neutral' से बदलकर 'Calibrated Tightening' कर दिया है. RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि महंगाई का परिदृश्य अब पहले जैसा अनुकूल नहीं रहा और कीमतों का दबाव धीरे-धीरे अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों में फैल रहा है.
गवर्नर संजय मल्होत्रा ने क्या कहा?
RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि महंगाई को लेकर लोगों की उम्मीदें बढ़ रही हैं और कीमतों में बढ़ोतरी अब व्यापक रूप लेती दिख रही है. अगस्त में खुदरा महंगाई (CPI) बढ़कर 4.82% पर पहुंच गई, जो RBI के 4% के लक्ष्य से लगातार तीसरे महीने ऊपर रही. इसी वजह से RBI ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए महंगाई का अनुमान 5% से बढ़ाकर 5.2% कर दिया है.
क्या रेपो रेट बढ़ने से आपकी EMI भी बढ़ जाएगी?
रेपो रेट बढ़ने का मतलब यह नहीं है कि हर व्यक्ति की EMI तुरंत बढ़ जाएगी. इसका असर इस बात पर निर्भर करेगा कि आपका लोन किस तरह की ब्याज दर (Interest Rate) से जुड़ा है.
यदि आपका होम लोन या अन्य लोन फ्लोटिंग रेट और External Benchmark (EBLR/Repo Linked) से जुड़ा है, तो अगली रीसेट डेट पर आपकी ब्याज दर बढ़ सकती है.
कुछ मामलों में EMI बढ़ सकती है, जबकि कुछ बैंकों में EMI समान रखते हुए लोन की अवधि (Tenure) बढ़ा दी जाती है.
जिन लोगों का फिक्स्ड रेट लोन है, उन पर फिलहाल इसका सीधा असर नहीं पड़ेगा.
RBI के नए रुख का क्या मतलब है?
RBI ने अपनी नीति का रुख 'Calibrated Tightening' कर दिया है. इसका मतलब है कि केंद्रीय बैंक फिलहाल महंगाई को नियंत्रित करने पर अधिक ध्यान देगा. हालांकि RBI ने यह नहीं कहा है कि आगे भी लगातार ब्याज दरें बढ़ाई जाएंगी. भविष्य के फैसले महंगाई और आर्थिक विकास के आंकड़ों के आधार पर लिए जाएंगे.
आर्थिक विकास का अनुमान भी बढ़ाया
RBI ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत की GDP वृद्धि दर का अनुमान 6.7% से बढ़ाकर 7.1% कर दिया है. वहीं अप्रैल-जून तिमाही में अर्थव्यवस्था 7.8% की दर से बढ़ी, जो RBI के अनुमान से बेहतर रही.
लोन लेने वालों को अब क्या करना चाहिए?
यदि आपके पास होम लोन, कार लोन या कोई अन्य फ्लोटिंग रेट लोन है, तो अपने बैंक से यह जरूर जांच लें कि आपका लोन किस बेंचमार्क से जुड़ा है और अगली ब्याज दर रीसेट कब होगी. EMI में बदलाव आपके बकाया लोन, ब्याज दर और शेष अवधि पर निर्भर करेगा.
(The above story first appeared on LatestLY on Oct 07, 2026 11:47 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

