जरुरी जानकारी | पहली तिमाही की जीडीपी वृद्धि आने वाली तिमाहियों में आर्थिक तेजी का आधार बनेगी: नीति आयोग

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने मंगलवार को कहा कि चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में हासिल जोरदार वृद्धि आने वाली तिमाहियों में निरंतर आर्थिक पुनरुद्धार का आधार बनेगी। उन्होंने साथ ही कहा कि आने वाले सप्ताहों में देश के जीडीपी वृद्धि के अनुमानों को और बेहतर किया जा सकता है।

नयी दिल्ली, 31 अगस्त नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने मंगलवार को कहा कि चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में हासिल जोरदार वृद्धि आने वाली तिमाहियों में निरंतर आर्थिक पुनरुद्धार का आधार बनेगी। उन्होंने साथ ही कहा कि आने वाले सप्ताहों में देश के जीडीपी वृद्धि के अनुमानों को और बेहतर किया जा सकता है।

कुमार ने ट्विटर पर लिखा, "2021-22 की अप्रैल-जून तिमाही (पहली तिमाही) में आर्थिक वृद्धि 20.1 प्रतिशत रही है, जो कि सभी अनुमानों के उच्चस्तर पर रही है। पहली तिमाही में अर्थव्यवस्था में आया यह सुधार आने वाली तिमाहियों में सतत वृद्धि का आधार बनेगा।"

कुमार ने कहा, "विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की मुख्य वैज्ञानिक (सौम्या) स्वामीनाथन के आने वाले समय में कोविड-19 के कमजोर होने की बात स्वीकार करने के साथ, हम आगामी हफ्तों में जीडीपी वृद्धि अनुमानों में सकारात्मक बदलाव होने की उम्मीद कर सकते हैं। सरकार के पूंजीगत व्यय को बढ़ाने पर ध्यान देने के वांछित परिणाम मिले हैं।"

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) द्वारा मंगलवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, 2020-21 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 24.4 प्रतिशत का संकुचन हुआ था।

सरकार ने पिछले साल कोविड-19 महामारी के शुरू होने के साथ पूरे देश में लॉकडाउन लगा दिया था। इस साल, महामारी की दूसरी लहर ने अप्रैल के मध्य में देश को प्रभावित किया, जिसके साथ राज्य नए प्रतिबंध लगाने पर मजबूर हुए।

हालांकि अर्थव्यवस्था अब भी कोविड-19 से पहले के ​​​​स्तर पर वापस नहीं आयी है।

मूल्य के लिहाज से सकल घरेलू उत्पाद अप्रैल-जून 2021-22 में 32,38,020 करोड़ रुपये रहा, जो वित्त वर्ष 2019-20 की इसी अवधि के 35,66,708 करोड़ रुपये से कम है।

पिछले साल पूरे देश में लगे लॉकडाउन के दौरान अप्रैल-जून तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद घटकर 26,95,421 करोड़ रुपये हो गया था।

भारतीय रिजर्व बैंक ने चालू वित्त वर्ष के लिए देश के वृद्धि के अनुमान को पहले के अनुमानित 10.5 प्रतिशत से घटाकर 9.5 प्रतिशत कर दिया है, जबकि विश्व बैंक ने भारत की जीडीपी वृद्धि दर चालू वित्तवर्ष के दौरान 8.3 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\