विदेश की खबरें | पुतिन ने नववर्ष के संबोधन में पाखंड के लिए पश्चिमी देशों की आलोचना की
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. पुतिन ने सैनिकों के साथ एक सैन्य मुख्यालय से वीडियो संबोधन दिया जिसे शनिवार को सरकारी टेलीविजन पर प्रसारित किया गया। वह पहले क्रेमलिन से संबोधन देते रहे हैं।
पुतिन ने सैनिकों के साथ एक सैन्य मुख्यालय से वीडियो संबोधन दिया जिसे शनिवार को सरकारी टेलीविजन पर प्रसारित किया गया। वह पहले क्रेमलिन से संबोधन देते रहे हैं।
पुतिन ने कहा, ‘‘यह साल मुश्किल, आवश्यक फैसलों, रूस की संपूर्ण संप्रभुता हासिल करने और हमारे समाज के शक्तिशाली एकीकरण की ओर सबसे महत्वपूर्ण कदमों वाला रहा।’’
उन्होंने फिर अपनी यह दलील दोहरायी कि मॉस्को के पास रूस की सुरक्षा पर खतरे के कारण यूक्रेन में सेना भेजने के अलावा और कोई विकल्प नहीं था।
पुतिन ने कहा, ‘‘पश्चिमी देशों ने शांति के बारे में झूठ बोला लेकिन वह आक्रमण की तैयारी कर रहे थे और आज वह खुलकर यह स्वीकार करता है, अब शर्मिंदगी नहीं रही। वे रूस को कमजोर करने तथा बांटने के लिए यूक्रेन का निंदनीय ढंग से इस्तेमाल कर रहे हैं। हमने कभी किसी को यह करने नहीं दिया और करने देंगे भी नहीं।’’
रूस ने इस युद्ध को यह कहते हुए उचित ठहराया है कि यूक्रेन ने पूर्वी डोनबास क्षेत्र में रूस के समर्थकों का उत्पीड़न किया। हालांकि, यूक्रेन और पश्चिमी देश इन आरोपों को झूठा बताते हैं।
रूसी राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘वर्षों तक पश्चिमी अभिजात वर्ग ने डोनबास में सबसे मुश्किल संघर्ष के समाधान समेत उनके शांतिपूर्ण इरादों को लेकर हमें पाखंडी तरीके से आश्वासन दिया।’’
पश्चिमी देशों ने यूक्रेन पर युद्ध छेड़ने के बाद रूस के खिलाफ व्यापक प्रतिबंध लगाए।
इस संदर्भ में पुतिन ने कहा, ‘‘इस साल, हम पर असली प्रतिबंध युद्ध घोषित किया गया। उन लोगों ने हमारे उद्योग, वित्त और परिवहन को पूरी तरह बर्बाद करने की उम्मीद से यह शुरू किया था। ऐसा हुआ नहीं क्योंकि एक साथ मिलकर हमने सुरक्षा की विश्वसनीय सीमा बनायी।’’
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