वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से वकालत करने का अभ्यास डालें : उच्च न्यायालय के न्यायाधीश
न्यायमूर्ति गौतम पटेल ने महामारी के समय में ई-अदालतों और वकालत पर ऑनलाइन व्याख्यान के दौरान कहा कि वर्तमान स्थिति में कानूनी पेशेवरों की कमाई भी प्रभावित होगी।
मुंबई, 16 मई बंबई उच्च न्यायालय के एक न्यायाधीश ने ने शनिवार को टिप्पणी की कि कोरोना वायरस फैलने के कारण वकीलों को ‘‘मिलीजुली’’ व्यवस्था अपनानी होगी जहां कुछ काम वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से होंगे न कि वास्तव में अदालतों में उपस्थित होकर।
न्यायमूर्ति गौतम पटेल ने महामारी के समय में ई-अदालतों और वकालत पर ऑनलाइन व्याख्यान के दौरान कहा कि वर्तमान स्थिति में कानूनी पेशेवरों की कमाई भी प्रभावित होगी।
उन्होंने कहा, ‘‘खासे लंबे समय तक और कोई नहीं बता सकता कि कब तक मिलीजुली व्यवस्था रहेगी जहां सामाजिक दूरी को अधितम करने के लिये कुछ काम वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से होगा और अन्य कार्य अदालतों में होंगे।’’
न्यायमूर्ति पटेल ने कहा कि वकीलों को इसके लिए तैयार रहने की जरूरत है और कम्प्यूटर, टैबलेट और अच्छी इंटरनेट कनेक्टिविटी जैसे अच्छे उपकरणों में निवेश करना होगा।
उन्होंने कहा कि कमाई भी कम हो जाएगी।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं ऐसी स्थिति की उम्मीद करता हूं कि वादी अब उतने शुल्क का भुगतान भी नहीं करना चाहेंगे, जो हाल में जनवरी या फरवरी में करने के लिए तैयार थे और काम भी कम होगा।’’
न्यायमूर्ति पटेल ने कहा कि कानूनी पेशेवरों को भी वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से अदालत में पेश होने का तौर-तरीका सीखना होगा।
उन्होंने कहा, ‘‘आपको सावधान रहना होगा कि आप किस तरह से अदालत के माहौल में पेश होते हैं। आप घर से काम कर रहे हैं, तो इसका यह मतलब नहीं कि यह अदालत से कम है।’’
उन्होंने कहा कि लोगों को उसी तरह से गंभीरता दिखाने की जरूरत होगी जैसी वे नियमित अदालत में दिखाते हैं।
न्यायाधीश ने कहा कि प्रौद्योगिकीय चुनौतियां कठिन होंगी लेकिन वे असाध्य नहीं हैं।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, लेटेस्टली स्टाफ ने इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया है)
(The above story first appeared on LatestLY on May 16, 2020 07:41 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

