कोरोना संक्रमित डॉक्टर के अंतिम संस्कार का हिंसक विरोध करने पर 14 लोगों के खिलाफ गुंडा कानून लागू
पुलिस ने शुक्रवार को एक विज्ञप्ति में यह जानकारी दी। इन 14 लोगों में एक महिला भी है।
चेन्नई, एक मई पुलिस ने उन 14 लोगों के खिलाफ सख्त गुंडा कानून लागू किया है जिन्हें पिछले दिनों कोरोना वायरस के कारण मरे एक डॉक्टर को दफनाए जाने के दौरान स्वास्थ्य कर्मियों पर हमला करने के सिलसिले में हिरासत में लिया किया गया है।
पुलिस ने शुक्रवार को एक विज्ञप्ति में यह जानकारी दी। इन 14 लोगों में एक महिला भी है।
विज्ञप्ति में कहा गया है कि ये 14 लोग कई आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहे हैं। इसलिए उन्हें पुलिस आयुक्त के के विश्वनाथन के आदेश के बाद गुंडा कानून के तहत हिरासत में लिया गया है।
उन लोगों पर पहले एक एम्बुलेंस चालक के साथ मारपीट करने और वाहन को नुकसान पहुंचाने का मामला दर्ज किया गया था।
पुलिस ने उस घटना के सिलसिले में लगभग 20 लोगों को गिरफ्तार किया था। उस घटना की व्यापक निंदा हुयी और सरकार ने ऐसे कृत्यों को दंडनीय अपराध बनाने के लिए एक अध्यादेश जारी किया।
भीड़ के विरोध के कारण एक ऑर्थोपेडिक सर्जन ने अस्पताल के दो कर्मियों की मदद से आधी रात में डॉक्टर को दफनाया था।
पुलिस ने पहले कोविड-19 के पीड़ितों के अंतिम संस्कार को रोकने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी थी।
अध्यादेश के अनुसार इस तरह के अपराध में जुर्माना के अलावा एक से तीन साल तक की जेल की सजा होगी।
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(The above story first appeared on LatestLY on May 01, 2020 03:48 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

