चंडीगढ़, 20 सितंबर पंजाब सरकार का कृषि विभाग पराली जलाने की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए फसल कटाई के आगामी मौसम में राज्यभर में 24 हजार फसल अवशेष प्रबंधन (सीआरएम) मशीन मुहैया कराएगा। कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुडियां ने बुधवार को यह जानकारी दी।
खुडियां ने कहा कि विभाग को सीआरएम मशीनरी पर सब्सिडी हासिल करने के लिए अब तक किसानों के 1,58,394 आवेदन मिले हैं।
उन्होंने कहा कि विभाग इन-सिटू प्रबंधन के तहत (फसल अवशेष को खेत में ही मिलाने) सुपर एसएमस, हैपी सीडर, धान की पराली को काटने वाला ‘चॉपर’, ‘मल्चर’, ‘स्मार्ट सीडर’, ‘जीरो टिल ड्रिल’, ‘सर्फेस सीडर’, ‘सुपर सीडर’, ‘क्राप रीपर’, ‘श्रब मास्टर’ उपलब्ध कराएगा, जबकि धान के अवशेष के एक्स-सीटू प्रबंधन (पराली का ईंधन के रूप में इस्तेमाल) के तहत ‘बालर’ और ‘स्ट्रा रेक’ उपलब्ध कराएगा।
उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष राज्य पराली जलाने के मामलों को 30 प्रतिशत तक कम करने में सक्षम रहा।
विभाग ने 2023 के खरीफ मौसम में सब्सिडी युक्त सीआरएम उपलब्ध कराने के लिए 350 करोड़ रुपये की कार्ययोजना तैयार की है।
सब्सिडी के लिए आवेदन ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से मांगे गये हैं ताकि पारदर्शिता को सुनिश्चित किया जा सके।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार व्यक्तिगत किसानों को सीआरएम मशीन खरीदने के लिए 50 फीसदी सब्सिडी दी जा रही है, लेकिन कस्टम हायरिंग केंद्रों की स्थापना के लिए सीआरएम मशीनों की खरीद पर 80 प्रतिशत सब्सिडी दी जा रही है।
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