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Punjab Poisonous Liquor Case: CM भगवंत मान ने संगरूर में पीड़ितों के परिवारों से मुलाकात की

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने रविवार को संगरूर जिले के गुजरां गांव का दौरा किया और वहां संदिग्ध रूप से जहरीली शराब पीने से मरने वालों के परिवारों से मुलाकात की. मान ने कहा कि पुलिस ने घटना में हत्या का मामला दर्ज कर लिया है.

Punjab Poisonous Liquor Case: CM भगवंत मान ने संगरूर में पीड़ितों के परिवारों से मुलाकात की
CM Bhagwant Mann | Photo- ANI

चंडीगढ़, 24 मार्च : पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने रविवार को संगरूर जिले के गुजरां गांव का दौरा किया और वहां संदिग्ध रूप से जहरीली शराब पीने से मरने वालों के परिवारों से मुलाकात की. मान ने कहा कि पुलिस ने घटना में हत्या का मामला दर्ज कर लिया है. उन्होंने कहा, "10 आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 302 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है. किसी को जहर देकर मारना हत्या है." मुख्यमंत्री ने कहा कि जहरीली शराब बेचने वालों को पकड़ा जाएगा. पंजाब में मान के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी (आप) सरकार जहरीली शराब त्रासदी को लेकर विपक्ष के निशाने पर है, जिसमें उनके गृह जिले संगरूर में 20 लोगों की जान चली गई. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय महासचिव तरूण चुघ ने शनिवार को आरोप लगाया कि यह त्रासदी राज्य में आप सरकार के संरक्षण में चल रहे ''शराब घोटाले'' का नतीजा है.

शिरोमणि अकाली दल (शिअद) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इस घटना पर आबकारी मंत्री हरपाल सिंह चीमा का इस्तीफा भी मांगा है. चीमा ने रविवार को पीड़ितों के परिवारों से मिलने के लिए संगरूर का दौरा किया. उन्होंने कहा, "हम इन परिवारों के साथ खड़े हैं. उन्हें जो भी सहायता की आवश्यकता होगी, हम प्रदान करेंगे." मंत्री ने कहा कि घटना में शामिल लोगों को कड़ी सजा दी जाएगी. घटना की जांच के लिए शनिवार को अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक गुरिंदर सिंह ढिल्लों के नेतृत्व में चार सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया था. यह भी पढ़ें : ‘इंडिया’ गठबंधन एकजुट, 272 का आंकड़ा पार करेंगे; प्रधानमंत्री का भ्रष्टाचार का आरोप खोखला : जयराम

शनिवार को चंडीगढ़ में मीडिया को संबोधित करते हुए ढिल्लों ने कहा कि पुलिस ने मामले के संबंध में दिरबा, सिटी सुनाम और चीमा पुलिस थानों में दर्ज सभी तीन प्राथमिकी में आबकरी अधिनियम की धारा 61-ए लागू की है. ढिल्लों ने कहा कि धारा 61-ए में आजीवन कारावास या मौत की सजा का प्रावधान है. उन्होंने मीडिया को बताया कि पुलिस ने इस त्रासदी के संबंध में पहचाने गए 10 आरोपियों में से आठ को गिरफ्तार कर लिया है. एडीजीपी ने शनिवार को कहा कि नकली शराब बनाने के लिए मेथनॉल युक्त अल्कोहल का उपयोग किया जाता था. अधिकारियों ने बताया कि जहरीली शराब पीने के संदेह के बाद ग्यारह लोगों का पटियाला के राजिंदर अस्पताल में और छह लोगों का संगरूर के सिविल अस्पताल में इलाज चल रहा है.

(The above story first appeared on LatestLY on Mar 24, 2024 05:22 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).