देश की खबरें | पंजाब चुनाव: राजनीतिक दलों ने स्थानीय प्रशासन के पूर्वाग्रह को लेकर चिंता जताई

चंडीगढ़, 16 दिसंबर मुख्य निर्वाचन आयुक्त सुशील चंद्रा ने बृहस्पतिवार को कहा कि पंजाब में राजनीतिक दलों ने आगामी विधानसभा चुनाव में पूर्वाग्रही स्थानीय प्रशासन और शराब, नकद एवं मादक पदार्थों के इस्तेमाल को लेकर चिंता प्रकट की है, हालांकि चुनाव आयोग स्वतंत्र एवं निष्पक्ष तरीके से चुनाव कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

चंद्रा ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों और अधिकारयों के साथ बैठक करने के बाद यह कहा। एक दिन पहले ही आयोग के सभी सदस्य विधानसभा चुनाव की तैयारियों का जायजा लेने के लिए यहां आए थे।

चंद्रा ने कहा, ‘‘ज्यादातर राजनीतिक दलों ने स्थानीय प्रशासन के पक्षपातपूर्ण व्यवहार को लेकर चिंता जाहिर की है। कुछ राजनीतिक दलों ने यह शिकायत भी कही है कि स्थानीय प्रशासन मुक्त रूप से सरकारी मैदानों में जन सभाएं करने की अनुमति नहीं दे रहा है। ’’

मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि राजनीतिक दलों ने नकदी, शराब, मादक पदार्थ और अन्य चुनावी तोहफों के इस्तेमाल के मद्देनजर कानून व्यवस्था बिगड़ने के बारे में अपनी चिंता जाहिर की है।

चंद्रा ने बताया कि राजनीतिक दलों ने ईवीएम के साथ 100 प्रतिशत वीवीपैट(मतदाता सत्यापन पेपर ऑडिट पर्ची) के उपयोग की मांग की है।

उन्होंने बताया कि राजनीतिक दलों ने पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए मतदान के दिन 100 प्रतिशत ‘वेबकास्टिंग’ की भी मांग की है।

उन्होंने बताया कि प्रतिनिधियों ने दलगत भावना से ऊपर उठ कर स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव के लिए एक अनुकूल माहौल तैयार करने को लेकर सख्त उपाय करने का अनुरोध किया है।

वोटर कार्ड को आधार से जोड़ने के बारे में एक सवाल के जवाब में चंद्रा ने कहा कि यह ‘डुप्लीकेट’ वोट

को हटाने में मदद करेगा।

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