देश की खबरें | पंजाब: बजरंग दल पर टिप्पणी से जुड़े मानहानि मामले में कांग्रेस अध्यक्ष खरगे को अदालत का नोटिस

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. बजरंग दल के खिलाफ ‘अपमानजनक’ टिप्पणी और कर्नाटक चुनाव के लिए कांग्रेस के घोषणापत्र में इसकी तुलना प्रतिबंधित संगठन ‘पीएफआई’ से करने को लेकर पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के खिलाफ दर्ज 100 करोड़ रुपये के मानहानि के मामले में एक स्थानीय अदालत ने उन्हें नोटिस जारी किया है।

संगरूर (पंजाब),15 मई बजरंग दल के खिलाफ ‘अपमानजनक’ टिप्पणी और कर्नाटक चुनाव के लिए कांग्रेस के घोषणापत्र में इसकी तुलना प्रतिबंधित संगठन ‘पीएफआई’ से करने को लेकर पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के खिलाफ दर्ज 100 करोड़ रुपये के मानहानि के मामले में एक स्थानीय अदालत ने उन्हें नोटिस जारी किया है।

हिंदू सुरक्षा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष हितेश भारद्वाज द्वारा दायर याचिका पर अदालत ने 12 मई को यह नोटिस जारी किया। नोटिस का जवाब देने के लिए 10 जुलाई की तारीख तय की गई है।

याचिकाकर्ता ने दलील दी है, ‘‘प्रतिवादी ने कर्नाटक (विधानसभा) चुनाव के लिए (पार्टी का) घोषणापत्र जारी किया। इसमें, पैराग्राफ संख्या 10 में प्रतिवादी ने हिंदू सुरक्षा परिषद की इकाई बजरंग दल को प्रतिबंधित करने की घोषणा की और इसकी तुलना पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) जैसे संगठन से कर अपमानजनक बयान दिये...।’’

केंद्र सरकार ने पिछले साल पीएफआई को प्रतिबंधित कर दिया था।

याचिकाकर्ता के वकील ललित गर्ग ने सोमवार को कहा कि कुछ दिन पहले भारद्वाज ने यहां अदालत में मानहानि का वाद दायर किया था।

गर्ग ने कहा, ‘‘पीएफआई से तुलना किये जाने से बजरंग दल और हिंदू सुरक्षा परिषद के करोड़ों सदस्यों की गरिमा को ठेस पहुंची है तथा इसने भगवान हनुमान के आराधकों की भी मानहानि की है।’’

याचिकाकर्ता ने उनकी प्रतिष्ठा और सम्मान को ठेस पहुंचने को लेकर विशेष

क्षतिपूर्ति किये जाने की मांग की है और 100 करोड़ रुपये का मानहानि का वाद दायर किया है।

गर्ग ने दलील दी कि सामाजिक संगठन बजरंग दल ने मानवता के लिए कई कार्य किये हैं।

कांग्रेस ने कर्नाटक चुनाव के लिए दो मई को जारी अपने घोषणापत्र में कहा था कि वह जाति व धर्म के आधार पर समुदायों के बीच नफरत फैलाने वाले बजरंग दल और पीएफआई जैसे संगठनों तथा व्यक्तियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है।

घोषणापत्र के मुताबिक, कार्रवाई में इस तरह के संगठनों के खिलाफ प्रतिबंध भी शामिल है।

कर्नाटक की 224 सदस्यीय विधानसभा के लिए 10 मई को मतदान हुआ था। मतगणना 13 मई को हुई। कांग्रेस ने 135 सीट पर जीत दर्ज की। वहीं, भाजपा 66 और जनता दल (सेक्युलर) ने 19 सीट पर जीत हासिल की।

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